दैनिक भास्कर हिंदी: ग्लोबल वार्मिंग के कारण बढ़ रहे रेप और मर्डर के मामले, वैज्ञानिकों की रिसर्च में खुलासा

April 29th, 2019

हाईलाइट

  • अमेरिका की यूनिवर्सिटी ने जारी की रिपोर्ट
  • दुनियाभर में बढ़ रही गर्मी और बारिश
  • पर्यावरण में असंतुलन से मनुष्य होता जा रहा हिंसक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ग्लोबल वार्मिंग के कारण लगातार रेप और मर्डर की घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है, जैसे-जैसे गर्मी और बारिश बढ़ रही है, मनुष्यों में हिंसा की प्रवृति भी बढ़ती जा रही है। इस पर अमेरिका के बर्कले में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं, ये रिपोर्ट एक रिसर्च के बाद जारी की गई है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मानव स्वभाव से जलवायु परिवर्तन का काफी जुड़ाव होता है। अमेरिका के इस विश्वविद्यालय का दावा है कि दुनियाभर में गर्मी और बारिश बढ़ रही है, जिसका सीधा प्रभाव हत्या और रेप की घटनाओं पर पड़ रहा है, और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों की संख्या में लाखों की बढ़ोतरी होने वाली है। रिपोर्ट में मुताबिक एक समय ऐसा भी आएगा, जब लोग हिंसक प्रवृति अख्तियार कर लेंगे।

अमेरिकी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी और बारिश की मामूली बढ़त से रेप, हत्या, घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ के मामले 4 फीसदी तक बढ़ गए हैं। रिपोर्ट में यहा भी कहा गया है कि बारिश और तापमान बढ़ने के कारण दंगे और गृहयुद्ध जैसे हालातों में भी 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 

रिसर्च टीम में शामिल मार्शल बर्क ने बताया कि हमने दुनिया की कई जगहों पर जलवायु और समय के आपराधिक मामलों से संबंध पर गहरा अध्ययन किया, जिसमें मौसम और हिंसक प्रवृति के बीच जुड़ाव नजर आया। रिपोर्ट जारी करने से पहले दुनियाभर के 60 इलाकों और वहां के मौसम का सैकड़ों साल तक अध्ययन किया गया।

भारत: गर्मी बढ़ने पर बढ़ते हैं रेप के मामले, सूखा पड़ने पर घरेलू हिंसा 
अमेरिकी विश्वविद्यालय ने भारत के आंकड़ों का भी गहन अध्ययन किया। भारत से संबंधित रिपोर्ट में सामने आया कि यहां गर्म हवाएं चलने पर रेप और छेड़छाड़ के मामले बढ़ जाते हैं तो वहीं सूखा पड़ने पर घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।


2010 से 2099 के बढ़ेंगे 2 लाख रेप और मर्डर
अनेरिकी यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में साल 2010 से 2099 के बीच 180,000 रेप के मामले, 23 लाख छेड़छाड़, 12 लाख गंभीर छेड़छाड़, 22,000 मर्डर, 2,60,000 डकैती, 13 लाख चोरी और 580,000 गाड़ी चोरी की घटना बढ़ जाएगी। अमेरिका में ये रिसर्च 1980 से लेकर 2009 के बीच एफबीआई और पुलिस में दर्ज मामलों के अध्ययन के बाद की गई है।