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shaheen Bagh Protest : रविशंकर प्रसाद ने कहा- देश को तोड़ने वालों को कवर करने के लिए हो रहा तिरंगे का इस्तेमाल


हाईलाइट

  • शाहीन बाग में CAA के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन पर BJP ने निशाना साधा
  • रविशंकर प्रसाद ने कहा, ये CAA का विरोध नहीं है, ये नरेन्द्र मोदी जी का विरोध है
  • इस देश का हर मुस्लिम नागरिक इज्जत के साथ इस देश में रहता है और रहेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी ने निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रदर्शन करने वालों की तुलना टुकड़े-टुकड़े गैंग से की। उन्होंने कहा कि 'अब शाहीन बाग एक इलाका नहीं बल्कि एक विचार बन गया है, जो तिरंगे का इस्तेमाल उन लोगों को कवर करने के लिए किया जा रहा है, जो देश को तोड़ना चाहते हैं। इसे टुकड़े - टुकड़े गैंग का समर्थन मिल रहा है।'  केंद्रीय मंत्री ने कहा, ये CAA का विरोध नहीं है, ये नरेन्द्र मोदी जी का विरोध है। हमने बार-बार बताया कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी कि नागरिकता नहीं छिनता। इस देश का हर मुस्लिम नागरिक इज्जत के साथ इस देश में रहता है और रहेगा।

जिन्ना की भारतीय राजनीति में एंट्री
क्रेंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मैंने सुना है कि जिन्ना ने भी इन दिनों भारतीय राजनीति में प्रवेश कर लिया है। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा, 'कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर वहां जाकर क्या-क्या बोलते हैं वो आप जानते हैं। उन्होंने कहा, 'आजकल कांग्रेस के नेताओं का पाकिस्तान प्रेम बहुत कौतुहल का विषय बना हुआ है। मणिशंकर अय्यर जाएंगे तो अपने सारे विचार पाकिस्तान में रखेंगे, उनके दूसरे मित्र कभी हिंदू-पाकिस्तान तो कभी जिन्ना।

देश का बंटवारानहीं  होने दिया जाएगा
प्रसाद ने कहा, 'मैं कांग्रेस के लोगों को एक बात साफ-साफ कहना चाहता हूं कि अब इस देश का बंटवारा होने नहीं दिया जाएगा। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी। ये कैसा हिंदुस्तान हम बनाना चाहते हैं? ये कैसी दिल्ली हम बनाना चाहते हैं? दिल्ली में कुछ लोग होंगे टुकड़े-टुकड़े के नाम पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। क्या दिल्ली में ऐसे लोगों को जगह मिलनी चाहिए जो असम को भारत से काटने की बात करेंगे?

केजरीवाल, सिसोदिया शाहीन बाग वालों के साथ
केंद्रीय मंत्री ने कहा आजकल संविधान की चर्चा बहुत होती है, संविधान में बोलने का अधिकार भी है। लेकिन यह अधिकार क्या केवल उन कुछ लोगों को ही है, जो जबरदस्ती सड़क घेरे हुए हैं। लेकिन वो लाखों लोग जो परेशान हैं, पर चुप हैं, क्या उन्हें बोलने का अधिकार नहीं है। केजरीवाल, सिसोदिया शाहीन बाग वालों के साथ खड़े हैं। लेकिन उन लाखों लोगों की शांत आवाज उनको क्यों नहीं सुनाई देती? जिनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहें, लोग दफ्तर नहीं जा पा रहें? दुकाने बंद हैं, एंबुलेंस नहीं निकल सकती। 

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