दैनिक भास्कर हिंदी: 24 घंटे के अंदर साध्वी प्रज्ञा का यू टर्न, कहा- दिग्विजय सिंह को नहीं कहा आतंकी

April 26th, 2019

हाईलाइट

  • साध्वी प्रज्ञा का अपने बयान से यू-टर्न।
  • कहा-दिग्विजय सिंह को नहीं कहा आतंकी।
  • बयान के बाद आरएसएस ने साध्वी को तलब किया था

डिजिटल डेस्क,भोपाल। भोपाल लोकसभा चुनाव से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में बनी हुई है। उनके विवादित बयानों के बाद शुक्रवार को आरएसएस ने साध्वी को तलब किया था। साध्वी आरएसएस के पदाधिकारियों से मिलने समिधा पहुंचीं। बैठक के बाद बाहर निकलते हुए प्रज्ञा ने मीडिया से चर्चा की। मीडिया से बातचीत के दौरान उनका रुख बदला नजर आया। वह अपने बयान से पलट गईं। प्रज्ञा ने कहा कि, उन्होंने कभी दिग्विजय सिंह को आतंकी नहीं कहा। 

सीहोर में दिया विवादित बयान

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने गुरुवार को सीहोर में चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि, 16 साल पहले उमा दीदी ने उन्हें हराया था। जिसके बाद वह 16 साल मुंह नहीं उठा पाए। अब फिर से सिर उठा है तो दूसरी संन्यासी सामने आ गई है। जो उनके कर्मों के प्रत्यक्ष प्रमाण है। एक बार फिर ऐसे आतंकी का समापन करने के लिए संन्यासी को खड़ा होना पड़ा। 

हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान

इससे पहले प्रज्ञा ने मुंबई हमले में शहीद हुए  हेमंत करकरे की को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि, मैंने करकरे से कहा था, तेरा सर्वनाश होगा। उसी दिन से उसपर सूतक लग गया। जब उसे आतंकियों ने मारा तब सूतक खत्म हुआ। 

चुनाव आयोग का नोटिस

प्रज्ञा ठाकुर के विवादित बयान के बाद चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया था। जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि, मैंने शहीद का अपमान नहीं किया है। मुझे जो तकलीफ दी है, उसी का जिक्र किया है। वहीं प्रज्ञा ने अयोध्या विवादित ढांचे को गिराए जाने पर भी बयान दिया। जिस पर भी चुनाव आयोग ने मामला दर्ज कराया है। 

फातिमा सिद्दकी ने किया कैंपेन से इनकार

इधर, भोपाल उत्तर सीट से चुनाव लड़ने वाली भाजपा की फातिमा रसूल सिद्दकी ने साध्वी का विरोध किया है। उन्होंने साध्वी प्रज्ञा का कैंपेनिंग करने से इनकार कर दिया है। फातिमा ने कहा कि, मैंने प्रज्ञा ठाकुर के लिए कैंपेन नहीं करने का फैसला किया है। उन्होंने धर्मयुद्ध करने जैसे बयान दिए है। वहीं प्रज्ञा ने हेमंत करकरे के खिलाफ भी विवादित बयान दिया है। शहीद करकरे पर दिए बयान से मुझे दुख पहुंचा है। 

करकरे के सहयोगी ने भरा नामांकन
शहीद हेमंत करकरे के सहयोगी रियाजुद्दीन देशमुख प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ मैदान में उतर गए हैं। देशमुख ने भोपाल से निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। रियाजुद्दीन महाराष्ट्र पुलिस के पूर्व एसपी रहे हैं। नामांकन भरने के बाद रियाजु्द्दीन देशमुख औरंगाबाद रवाना हो गए। वे 29 अप्रैल को भोपाल लौटेंगे और प्रचार शुरू करेंगे।