दैनिक भास्कर हिंदी: सारदा चिटफंड घोटाला : पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

May 26th, 2019

हाईलाइट

  • केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपी कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है
  • सारदा चिटफंड घोटाले की जांच में सबूतों से छेड़छाड़ के हैं आरोप
  • सीबीआई ने लगाया था जांच में सहयोग ना देने का आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सारदा चिटफंड घोटाले की जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपी पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार पर फिर सीबीआई ने शिकंजा कसा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपी कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। पूर्व कमिश्नर को 24 मई तक गिरफ्तारी से राहत मिली हुई थी, लेकिन समय समाप्त होने के बाद उनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। हालांकि कुमार ने कोर्ट में समय बढ़ाने की अपील की थी, जिसे अदालत में खारिज कर दिया गया था। बता दें कि राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खास माना जाता है।

पश्चिम बंगाल में वकील हड़ताल पर
लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद अब सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपी राजीव कुमार देश छोड़कर कहीं भी भाग नहीं पाएंगे। अपनी गिरफ्तारी से मिली छूट की तारीख बढ़वाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कुमार को कोलकाता हाई कोर्ट जाने के लिए कहा था, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि सीबीआई ने कुमार पर जांच में सहयोग ना देने का आरोप लगाया था।

क्या था मामला
सारदा चिटफंड मामला पश्चिम बंगाल का एक बड़ा घोटाला है। सारदा ग्रुप कंपनी की स्थापना 2008 में हुई थी। चार साल में इस कंपनी ने बंगाल, असम और ओडिशा में करीब 300 ऑफिस खोल लिए। इस दौरान ग्रुप ने करीब 4 बिलियन डॉलर (40 हजार करोड़) रुपए की कमाई की थी। यह ग्रुप अप्रैल 2013 में बंद हो गया था। सारदा ग्रुप पर आरोप है कि उसने करीब 1.7 मिलियन निवेशकों से पैसे लिए और उन्हें ऑफर दिया कि उनके दिए गए पैसों को 34 गुना कर वापस दिया जाएगा। हालांकि ऐसा हो न सका और कई निवेशकों ने सुसाइड कर लिया था। इसके बाद बंगाल सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक जांच कमिटी (SIT) बनाने का फैसला किया। करीब 1.7 मिलियन निवेशकों ने कमिटी को सारदा ग्रुप के खिलाफ शिकायत की। कमिटी ने अपनी जांच अगस्त 2013 में पूरी की। इस घोटाले में काफी बड़े-बड़े लोगों के नाम सामने आए थे। बंगाल सरकार से कहा गया कि सारदा ग्रुप की संपत्ती को बेच कर निवेशकों के पैसे वापस किए जाएं।

सारदा घोटाले में बंगाल सरकार ने जिस SIT की टीम गठित की थी, राजीव कुमार लीड कर रहे थे। ऐसा कहा गया था कि जांच के दौरान काफी घोटाले हुए। राजीव कुमार पर कथित तौर पर यह आरोप लगे थे कि कुछ बड़े लोगों को बचाने के लिए जरूरी दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की थी और सबूत को मिटा दिया था। इस मामले को लेकर CBI राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है। इसको लेकर CBI ने अभी तक 80 चार्जशीट फाइल की है। इस केस में पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिंदबरम पर भी आरोप लगे थे। नलिनी पर आरोप था कि उन्होंने सारदा ग्रुप से 1.4 करोड़ रुपए मिले थे।