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दिल्ली: प्रदूषण पर SC ने लगाई केंद्र को फटकार, कहा- पेट्रोल की जगह हाइड्रोजन का विकल्प ढूंढें


हाईलाइट

  • बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का गंभीर रुख
  • केद्र सरकार से पेट्रोल की जगह हाईड्रोजन का विकल्प ढूंढने को कहा
  • केंद्र से 3 दिसंबर तक मांगा जवाब

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में दम घोंटू हवा और प्रदूषण का कहर है। बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है। आज (बुधवार) सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण को लेकर सुनवाई हुई। जिसमें कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार को हाइड्रोजन आधारित ईंधन तकनीक का पता लगाने के लिए कहा है। कोर्ट ने  सरकार को 3 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा है कि जापान ने इसी तकनीक के जरिए प्रदूषण का स्तर कम किया है। 

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण के मामले में दिल्ली सरकार को 14 नवंबर तक ऑड-इवन स्कीम शुरू करने की तारीख से एयर क्वालिटी इंडेक्स डेटा उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने पिछले साल 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक एयर क्वालिटी इंडेक्स डेटा प्रदान करने को कहा है।     

दिल्ली वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 476 के साथ फिर से खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं शुक्रवार तक इससे बहुत अधिक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। एक्यूआई में पीएम10 की संख्या 489 और पीएम2.5 की संख्या 326 के साथ खतरनाक श्रेणी में है। हालांकि 15 नवंबर तक हालात में थोड़े सुधार हो सकते हैं। 

सफर इंडिया के अनुसार, सफर- इंटीग्रेटेड मल्टी-सैटेलाइट मेथडोलॉजी द्वारा अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 11 नवंबर तक पराली जलाने की घटना में कमी आई है। पराली जलने की घटना में आई कमी के बावजूद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में बुधवार को उसका 22 प्रतिशत तक प्रभाव बना रहने की संभावना है। 

पश्चिमी हवाओं के कारण आगामी दो दिनों तक क्षेत्र में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, हालांकि इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है। वहीं मंगलवार को सुबह 10 बजे दिल्ली का एक्यूआई 416 था। एनसीआर के शहरों में भी एक्यूआई अधिक था। गाजियाबाद में 445, नोएडा में 436 और फरीदाबाद में 404 एक्यूआई रहा।


 

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