comScore

लोकप्रिय न्यूज़ एंकर रोहित सरदाना का दिल का दौरा पड़ने से निधन, कोरोना वायरस से थे संक्रमित

लोकप्रिय न्यूज़ एंकर रोहित सरदाना का दिल का दौरा पड़ने से निधन, कोरोना वायरस से थे संक्रमित

हाईलाइट

  • टीवी पत्रकार रोहित सरदाना का कोरोना से निधन
  • नोएडा के अस्पताल में चल रहा था इलाज
  • वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आजतक के लोकप्रिय न्यूज़ एंकर रोहित सरदाना का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 41 साल के थे। कुछ दिन पहले वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। आज तक पर शाम को प्रसारित होने वाले डिबेट शो ‘दंगल’ की वह ऐंकरिंग करते थे। उन्हें पत्रकारिता जगत के कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया था और बेबाक तरीके से अपनी बात रखने के लिए जाना जाता था। 

रोहित सरदाना को कुछ दिनों पहले कोरोना संक्रमण हुआ था। गुरुवार रात में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नोएडा के मैट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। उनके ट्विटर अकाउंट पर पिछले कुछ पोस्ट से पता चलता है कि रोहित सरदाना खुद खराब स्वास्थ्य के बावजूद भी लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे थे। वह उन लोगों की एसओएस कॉल शेयर कर रहे थे, जिन्हें कोरोनोवायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच सुविधाओं की आवश्यकता थी।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोहित सरदाना के निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'रोहित सरदाना बेहद जल्दी हमें छोड़कर चले गए। भारत की प्रगति के लिए ऊर्जा से भरपूर थे और भावुक थे, रोहित को कई लोगों द्वारा याद किया जाएगा। रोहित के निधन ने मीडिया जगत में एक बहुत बड़ा शून्य छोड़ दिया है। उनके परिजनों, दोस्तों और चाहने वालों को सांत्वना, ऊं शांति'।

-राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, 'लोकप्रिय न्यूज़ एंकर तथा वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. उनका असामयिक निधन पत्रकारिता जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है. श्री सरदाना के परिवारजनों व प्रशंसकों को मेरी शोक संवेदनाएं।'

-ग्रहमंत्री अमित शाह ने रोहित सरदाना के निधन पर ट्वीट कर लिखा, रोहित सरदाना जी के असामयिक निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। राष्ट्र ने एक बहादुर पत्रकार खो दिया है जो हमेशा निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए खड़े थे। भगवान उनके परिवार को इस दुखद नुकसान को सहन करने की शक्ति दे। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना।

-रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, हिंदी मीडिया जगत में बहुत कम समय में अपनी बड़ी पहचान स्थापित करने वाले पत्रकार, रोहित सरदाना के निधन के समाचार से मैं स्तब्ध हूं। वे बेहद प्रतिभाशाली और प्रभावी पत्रकार थे। उनके निधन से मीडिया जगत को बहुत बड़ी क्षति पहुँची है।उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ॐ शान्ति!

-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, 'वरिष्ठ पत्रकार श्री रोहित सरदाना जी का निधन अत्यंत दुःखद है। वह जनपक्षीय पत्रकारिता के अप्रतिम हस्ताक्षर थे। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शान्ति व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति'

-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, वरिष्ठ टीवी पत्रकार रोहित सरदाना जी के निधन की दुखद ख़बर स्तब्ध कर देने वाली है। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को ये दुख सहने का साहस दें।

-जी न्यूज के सीईओ सुधीर चौधरी ने ट्वीट किया, 'अब से थोड़ी पहले @capt_ivane का फ़ोन आया। उसने जो कहा सुनकर मेरे हाथ कांपने लगे। हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी। ये वाइरस हमारे इतने क़रीब से किसी को उठा ले जाएगा ये कल्पना नहीं की थी। इसके लिए मैं तैयार नहीं था। ये भगवान की नाइंसाफ़ी है.. ॐ शान्ति'

-वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी रोहित सरदाना के निधन पर ट्वीट किया। उन्होंने ट्विटर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'दोस्तों बेहद दुखद खबर है। मशहूर टीवी न्यूज एंकर रोहित सरदाना का निधन हो गया है। उन्हें आज सुबह ही हार्ट अटैक आया है। उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना।'

-आजतक की एंकर चित्रा त्रिपाठी ने कहा, हंसता-खेलता परिवार, दो छोटी बेटियां। उनके लिए इस #दंगल को हारना नहीं था रोहित सरदाना जी। आज सुबह चार बजे नोएडा के निजी अस्पताल में ICU में आपको ले ज़ाया गया और दिन चढ़ने के साथ ये बहुत बुरी खबर। कुछ कहने को अब बचा ही नहीं। 

-कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने ट्विटर पर लिखा, 'विश्वास ही नहीं हो रहा कि रोहित जी हमारे बीच नहीं रहें। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। ॐ शान्ति'

-अभिषेक मनु सिंघवी ने लिखा, 'अविश्वसनीय,अकल्पनीय,कोरोना के क्रूर चक्र ने एक शानदार पत्रकार को लील लिया। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति।'

-कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा, आजतक के पत्रकार रोहित सरदाना के निधन के बारे में सुनकर बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। यह अविश्वसनीय है। रोहित कोविड-19 से ठीक हो चुके थे और काम पर भी वापस आ गए थे। उनके परिवार के सदस्यों और आजतक समूह के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है।

-कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने भी ट्विटर कर लिखा, मेरे प्रिय मित्र रोहित सरदाना के निधन की खबर सुनकर पूरी तरह से स्तब्ध हो गया हूं। पिछले रविवार को ही उनसे बात हुई थी और वह महान आत्माओं में शामिल रहेंगे!! अभी भी यकीन नहीं हो रहा है। डिबेट के बाद हमारे बीच हुई गहरी बातचीत की मुझे हमेशा याद आएगी। रेस्ट इन पीस भाजी।

कमेंट करें
MLmHV
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।