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रांची में बुराड़ी जैसा मामला, एक ही परिवार के 7 लोगों के शव मिले

July 31st, 2018 12:15 IST

हाईलाइट

  • रांची शहर में एक ही परिवार के 7 लोगों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई।
  • मृतकों के शव घर के अंदर से पाए गए।
  • फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है।

डिजिटल डेस्क, रांची। देश की राजधानी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई एक ही परिवार के 11 लोगों की रहस्यमयी मौत से पर्दा हटा भी नहीं था कि एक और मामला झारखंड की राजधानी रांची से सामने आ गया है। रांची शहर में एक ही परिवार के 7 लोगों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई, जिनके शव घर के अंदर से पाए गए हैं। फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है।

जानकारी के अनुसार यह घटना शहर के कांके इलाके की है। यहां सोमवार की सुबह पुलिस को एक घर में सात लोगों के मृत होने की सूचना मिली। घर के अंदर मृत पाए गए परिवार के 7 सदस्यों में में पांच व्यस्क और दो बच्चे बताए जा रहे हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को जांच में लेते हुए सभी शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि मृतक दीपक झा मूलरूप से बिहार के भागलपुर शहर का रहने वाला था। वो यहां रांची में अपने परिवार के साथ किराए के घर में रहता था। साथ ही एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। सोमवार की सुबह दीपक, उनकी पत्‍नी, उनके माता-पिता और बच्‍चे का शव पड़ा था।

DIG एवी होमकर ने मामले में बताया है कि शुरुआत में ऐसा लग रहा है पैसों की समस्या के चलते दो भाइयों ने पहले पूरे परिवार को मार डाला फिर खुद भी फांसी लगा ली। जांच में दो सुसाइड नोट भी मिले हैं। एक सुसाइड लेटर 15 पेज का है, जबकि दूसरा दो पेज का।

रांची के SP अनीश गुप्ता ने बताया है कि शुरुआती जांच में यह मामला सुसाइड का लग रहा है। पड़ोसियों से पूछताछ में भी यही सामने आया है, जो सुसाइड नोट में लिखा है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों से यह परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।

गौरतलब है कि ऐसा ही एक मामला झारखंड के हजारीबाग शहर से 15 जुलाई को सामने आया था। इस दौरान हजारीबाग जिले में भी एक ही परिवार के छह लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने आत्महत्या से पहले एक नोट भी छोड़ा था, जिसमें गणित के 'सूत्र' की तरह आत्महत्या के कारणों को बताया था।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।