दैनिक भास्कर हिंदी: शर्मिष्ठा बोलीं - नागपुर जाकर ठीक नहीं किया, भाषण भुला दिया जाएगा बाकी बचेंगी तस्वीरें

June 7th, 2018

हाईलाइट

  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए बुधवार को ही नागपुर पहुंच चुके हैं।
  • आज वह संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष ओटीसी (ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप) में शामिल हो रहे स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।
  • शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी के संघ के कार्यक्रम में भाग लेने के फैसले से असहमति जाहिर की है।
  • उन्होंने अपने पिता को नसीहत दी कि उन्हें संघ के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए बुधवार को ही नागपुर पहुंच चुके हैं। आज वह संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष ओटीसी (ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप) में शामिल हो रहे स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। इस बीच शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी के संघ के कार्यक्रम में भाग लेने के फैसले से असहमति जाहिर की है। उन्होंने अपने पिता को नसीहत दी कि उन्हें संघ के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था। शर्मिष्ठा ने कहा आने वाले वक्त में लोग भूल जाएंगे कि उन्होंने संघ के कार्यक्रम में क्या कहा था। लोग उनकी तस्वीरों को देखेंगे और संघ के कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी की अपनी-अपनी तरह से व्याख्या करेंगे। 

भाषण भुला दिया जाएगा, याद रहेंगी तस्वीरें 


शर्मिष्ठा ने अपने ट्वीट में लिखा कि उम्मीद है आज की घटना के बाद प्रणब मुखर्जी इस बात को मानेंगे कि बीजेपी किस हद तक गंदा खेल कर सकती है। यहां तक ​​कि संघ भी यह बात जानता है कि आप अपने भाषण में उनके विचारों का समर्थन नहीं करेंगे। दिक्कत की बात यह है  कि आपका भाषण कुछ दिनों में भुला दिया जाएगा, लेकिन तस्वीरें बनी रहेंगी, जिनका मनमाने बयानों के साथ बाद में उपयोग किया जाता रहेगा। संघ के कार्यक्रम में भाग लेने का निर्णय लेते समय आपको इस विषय में भी सोचना चाहिए था।

 

 

 

 


बीजेपी को मिलेगा फर्जी कहानियां गढ़ने का मौका 


शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि एक ओर पूर्व राष्ट्रपति ने संघ के कार्यक्रम में भाग लेने का निर्णय लिया है, तो दूसरी ओर उनकी मेरी बीजेपी से जुड़ने की बातें की जा रही हैं। बीजेपी में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए शर्मिष्ठा ने कहा कि बीजेपी एकदम उल्टा सामाजिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा इस बात को हमेशा ध्यान में रखा जाना चाहिए कि बीजेपी और संघ दोनों बहुत दूर से घेरते हैं। शर्मिष्ठा ने कहा बीजेपी प्रचार कर रही है कि मैं अगले दिनों में बीजेपी से जुड़ सकती हूं, तो इसके निश्चित ही गंभीर मायने होंगे। उन्होंने पिता को नसीहत देते हुए कहा कि नागपुर जाकर आप बीजेपी और संघ को फर्जी कहानियां गढ़ने का एक अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि अभी तो यह शुरुआत है। शर्मिष्ठा के बयान के बाद कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी ट्वीट किया कि उन्हें प्रणब दा से इस कदम की उम्मी नहीं थी।

 

 



जो  बोलना है नागपुर में बोलूंगा- प्रणब मुखर्जी


इसके पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को कांग्रेस के नेताओं ने सुझाव दिया था कि वे संघ के कार्यक्रम में नहीं जाएं। यह भी समझाने की कोशिश की कि वे क्या बोलें और क्या नहीं बोलें। प्रणब ने इन सभी को दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा मुझे जो बोलना होगा, मैं कार्यक्रम में ही बोलूंगा। प्रणब मुखर्जी ने कहा इस सबंध में मेरे पास कई चिट्ठियां और फोन कॉल आए। मैंने किसी का जवाब नहीं दिया। 



भागवत की नजदीकियों का असर 


अपने पूरे राजनीतिक करियर में प्रणब मुखर्जी एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकारों के दौरान वित्त, रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले हैं। उनका पूरा जीवन एक समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता का रहा है, लेकिन हाल के दिनों में जब से उनकी संघ प्रमुख मोहन भागवत से नजदीकी बढ़ी है, तब के उनका नजरिया संघ के प्रति नरम हुआ है। यही वजह है ऐसे समय में जब संघ और भाजपा पर धार्मिक कट्टरतावाद फैलाने के आरोप लगाए जा रहे हों, उनका संघ के कार्यक्रम में भाग लेने से कांग्रेसी और अन्य गैर-भाजपाई आश्चर्य में हैं।