comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

शिवराज, मजदूरों के नाम पर मजाक मत करिए : कमल नाथ

May 20th, 2020 17:31 IST
 शिवराज, मजदूरों के नाम पर मजाक मत करिए : कमल नाथ

हाईलाइट

  • शिवराज, मजदूरों के नाम पर मजाक मत करिए : कमल नाथ

भोपाल, 20 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पटलवार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में खाना मांगने पर मजदूरों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, जबकि शिवराज किसी के भूखे न रहने की बात कह रहे हैं, यह मजदूरों के साथ मजाक है।

चौहान ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से मध्यप्रदेश में आकर मजदूरों के लिए किए जा रहे कामों को देखने का आग्रह किया था। इसका जवाब देते हुए कमल नाथ ने कहा, शिवराज जी, खूब झूठ बोलिए, लेकिन मजदूरों के नाम पर कम से कम इतना बड़ा मजाक तो मत करिए। आप कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश की व्यवस्था देखिए, यहां की धरती पर कोई भी मजदूर आपको भूखा, प्यासा व पैदल चलता हुआ नहीं दिखेगा, हमने कारगर इंतजाम किए हैं। इतना बड़ा झूठ व मजदूरों के नाम पर ऐसा मजाक , शर्म करिए!

कमल नाथ ने आगे कहा, यह सही है कि आप इन मजदूरों की सुध लेने अभी तक नहीं गए, तब आपको सच्चाई पता भी कैसे चले? आज भी प्रदेश के सभी प्रमुख मार्ग व सीमाएं हजारों मजदूरों से भरे पड़े हैं। कोई पैदल, कोई नंगे पैर, पैरों में छाले लिए हुए, कोई ठेले पर, कोई साइकिल पर, कोई ऑटो से, कोई अन्य मालवाहक वाहन से अपने घर को लौट रहा है। प्रदेश की धरती पर कई घर लौटते ये बेबस-लाचार मजदूर दुर्घटना का शिकार होकर मौत के मुंह में जा चुके हैं, भूख-प्यास और गर्मी से दम तोड़ चुके हैं। कई गर्भवती बहनें सड़कों पर अपने बच्चों को जन्म दे चुकी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, मजदूरों के हाल की तस्वीरें प्रतिदिन प्रदेश की जनता खुली आंखों से देख रही है, इनकी मौत के आंकड़े सामने हैं, लेकिन शायद आपकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है, इसलिए आपको ये तस्वीरें व सच्चाई दिखाई नहीं दे पा रही हैं। प्रदेश की जनता, कई सामाजिक व कई स्वयंसेवी संगठन, कांग्रेसजन इन मजदूरों को सड़कों पर खाना खिला रहे हैं, जूते-चप्पल पहना रहे हैं, पानी पिला रहे हैं, अपनी गाड़ी से घरों तक छोड़ रहे हैं, सरकार की कोई व्यवस्था इन मजदूरों के लिए नहीं है। उलटा भोजन मांगने पर प्रदेश की धरती पर इन मजदूरों पर बर्बर तरीके से लाठियां तक बरसाई गईं और आप इतना बड़ा झूठ बोल रहे हैं कि प्रदेश में कोई मजदूर भूखा, प्यासा व पैदल चलता हुआ आपको नहीं दिखेगा?

कमल नाथ ने राज्य सरकार के दावे को झूठा करार देते हुए कहा, दावे जितने किए जा रहे हैं, जमीनी हकीकत आज भी उससे उलट है। आपकी कथनी और करनी में अंतर प्रदेश की जनता साफ देख चुकी है व मजदूर भाई भी इसे कभी भूलेंगे नहीं।

कमेंट करें
9IVxW
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।