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गौ संरक्षण की पुरानी घोषणा भूल नई घोषणा की शिवराज ने : कमल नाथ

November 18th, 2020 14:00 IST
 गौ संरक्षण की पुरानी घोषणा भूल नई घोषणा की शिवराज ने : कमल नाथ

हाईलाइट

  • गौ संरक्षण की पुरानी घोषणा भूल नई घोषणा की शिवराज ने : कमल नाथ

भोपाल, 18 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गो कैबिनेट बनाने का एलान किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि दो साल पहले गौ संवर्धन के लिए की गई घोषणा को भूलकर अब नई घोषणा की है शिवराज सिंह चौहान ने।

कमल नाथ ने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश में गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा करने वाले शिवराज सिंह अब गोधन संरक्षण व संवर्धन के लिए गौ कैबिनेट बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव के पूर्व की गयी गो मंत्रालय बनाने के साथ-साथ पूरे प्रदेश में गौ अभ्यारण और गौशालाओं के जाल बिछाने की बात भी कही थी। प्रत्येक घर में भी छोटी-छोटी गौशाला बनाने की भी बात उन्होंने अपनी चुनावी घोषणा में कही थी।

कमल नाथ ने आगे कहा अपनी पूर्व की घोषणा को भूलकर शिवराज सिंह फिर एक नई घोषणा कर रहे हैं। सभी जानते हैं कि अपनी 15 वर्ष की सरकार में व वर्तमान 8 माह में शिवराज सरकार ने गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए कुछ भी नहीं किया, उल्टा गौमाता के लिये चारे की राशि में कांग्रेस सरकार ने जो बीस रुपये प्रति गाय का प्रावधान किया था, उसे भी कम कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के वचन पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने वचन पत्र में वादा किया था कि हमारी सरकार आने पर हम एक हजार गौशालाओं का निर्माण शुरू करायेंगे। हमने अपने वचन को पूरा किया, प्रदेश भर में गौशालाओं का निर्माण व्यापक स्तर पर शुरू करवाया।

कमल नाथ ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार के गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए किए जा रहे कामों से भाजपा सरकार को थोड़ी सदबुद्धि तो आयी और उन्होंने गौमाता की सुध लेने की सोची लेकिन यदि गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए सही मायनों में काम करना है तो कांग्रेस सरकार की तरह ही भाजपा सरकार प्रदेश भर में गौशालाओं का निर्माण शुरू कराये और गौ माता को लेकर अपनी पूर्व की सारी घोषणाओं को पूरा करे तभी सही मायनों में गौमाता का संरक्षण व संवर्धन हो सकेगा।

एसएनपी-एसकेपी

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।