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भारत-पाक के बीच 23 अक्टूबर को नहीं होगा करतारपुर कॉरिडोर का एग्रीमेंट साइन!

भारत-पाक के बीच 23 अक्टूबर को नहीं होगा करतारपुर कॉरिडोर का एग्रीमेंट साइन!

हाईलाइट

  • भारत और पाक के बीच करतारपुर कॉरिडोर के एग्रीमेंट पर बुधवार को साइन नहीं किए जाएंगे
  • सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आ रही है
  • इससे पहले दोनों देशों ने घोषणा की थी कि वह 23 अक्टूबर को ऐग्रीमेंट पर साइन करेंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर के एग्रीमेंट पर बुधवार को साइन नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आ रही है। इससे पहले सोमवार को दोनों देशों ने घोषणा की थी कि वह 23 अक्टूबर को करतारपुर कॉरिडोर के एग्रीमेंट पर साइन करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि तीर्थयात्रियों की लंबित मांग के मद्देनजर भारत करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के एग्रीमेंट पर साइन करने के लिए तैयार है।

विदेश मंत्रालय ने कहा था, 'एग्रीमेंट पर साइन करने के लिए सहमत होते हुए, पाकिस्तान सरकार से एक बार फिर तीर्थयात्रियों पर 20 डॉलर की सेवा शुल्क लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। भारत किसी भी समय समझौते को संशोधित करने के लिए तैयार होगा।'

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी पक्ष के साथ 14 मार्च को पहले दौर की वार्ता हुई थी। अधिकारियों के स्तर की वार्ता के साथ, दोनों पक्षों ने परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए एक्सपर्ट लेवल की कई दौर की मीटिंग आयोजित की। अब तक अधिकारियों के स्तर की वार्ता के तीन दौर हुए हैं।

दोनों पक्षों ने अपनी बातचीत के दौरान, तीर्थयात्रियों की संख्या से लेकर कॉरिडोर कितने दिनों तक खुला रहेगा इसे लेकर चर्चा की गई। सिख तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित की गई पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (PSGPC) के कंपोजिशन पर भी दोनों देशों के बीच लंबी चर्चा के बाद सहमति बन गई।

आखिरी पॉइंट 20 डॉलर सेवा शुल्क था जिसपर दोनों देशों के बीच सहमति बनने में लंबा समय लग गया। पाकिस्तान ने कॉरिडोर का उपयोग करने के लिए हर सिख तीर्थयात्री से ये चार्ज वसूलने का फैसला किया है।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने सोमवार को डॉन से बात करते हुए दोनों पक्षों के जल्द ऐग्रीमेंट पर साइन करने की पुष्टि की। उन्होंने कहा 'एग्रीमेंट पर साइन करने की तारीखों पर काम किया जा रहा है।'

बता दें कि गुरु नानक की 550वीं जयंती से तीन दिन पहले 9 नवंबर को पाकिस्तान भारत और अन्य देशों के सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलेगा। हर दिन भारत से 5,000 सिख तीर्थयात्री जाएंगे। यह कॉरिडोर करतारपुर में दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक श्राइन से जोड़ेगा। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।