दैनिक भास्कर हिंदी: विवेक मर्डर केस: SIT ने शुरू की जांच, सियासी बयानबाजी भी तेज

October 1st, 2018

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश पुलिस की गोली का शिकार हुए एपल के मैनेजर विवेक तिवारी मामले की जाचं के लिए SIT गठित की गई है।
  • रविवार को तफ्तीश के लिए SIT गोमतीनगर एक्सटेंशन के पास घटनास्थल पर पहुंची।
  • विवेक की हत्या पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विरोधी सीएम का इस्तीफा मांग रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस की गोली का शिकार हुए एपल के मैनेजर विवेक तिवारी मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। रविवार को तफ्तीश के लिए SIT गोमतीनगर एक्सटेंशन के पास घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान मौका-ए-वारदात की तस्वीरों के साथ ही सैंपल इकट्ठा किए गए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवेक तिवारी की पत्नी से फोन पर बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उधर, विवेक की हत्या पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांग रहे हैं। 

योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में कहा, यह एक बेहद दुखद घटना है। ऐसे अपराधों को सरकार बर्दाश्त नहीं कर सकती। सरकार ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की है। आरोपी प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित परिवार को सरकार सभी तरह की सहायता देगी। उधर, दोपहर बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राज्य सरकार के मंत्री बृजेश पाठक और आशुतोष टंडन विवेक तिवारी के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर घटना पर शोक जाहिर किया। केशव प्रसाद मोर्य ने कहा, ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

इस दौरान केशव प्रसाद ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विवेक तिवारी हिंदू थे तो फिर उन्‍हें क्‍यों मार दिया। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी ने एक हिंदू के हितों की रक्षा नहीं की। इसके बाद केजरीवाल ने मृतक विवेक तिवारी की पत्‍नी कल्‍पना तिवारी से फोन पर बात भी की। केशव प्रसाद मोर्य ने केजरीवाल को इस मामले में राजनीति न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राजनीति करने के लिए और भी मुद्दे हैं।

इससे पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर विवेक तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचे। राज बब्बर ने विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी से कहा कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने परिवार का हाल जानने के साथ ही इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में कांग्रेस आपके साथ है। राजबब्बर ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें। इस्तीफे की मांग पर सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि राजबब्बर किसी भी काम को करने और बात कहने के लिए स्वतंत्र हैं।

विवेक तिवारी हत्याकांड पर शाहाबाद से बीजेपी विधायक रजनी तिवारी ने लिखा, 'इस घटना में लखनऊ के स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली घोर निंदनीय है। पुलिस प्रशासन द्वारा मीडिया में अभियुक्त को गिरफ्तार बताया गया लेकिन अभियुक्त FIR लिखवाने पहुंच गया और वहां मीडिया के सामने न सिर्फ उपस्थित हुआ बल्कि बयान देते हुए भी नजर आया है। जिलाधिकारी लखनऊ ने तो पीड़ित परिवार के अनुसार उन्हें धमकाया भी, जो बेहद शर्मनाक है। इन सब घटनाक्रम से स्थानीय प्रशासन का व्यवहार पक्षपातपूर्ण प्रतीत होता है।....मेरा आपसे आग्रह है कि लखनऊ के जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का कष्ट करें।' 

उधर, लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में की जांच करने के लिए SIT प्रमुख आईजी रेंज सुजीत पांडेय टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान मौका-ए-वारदात की तस्वीरों के साथ ही सैंपल इकट्ठा किए गए। जांच के दौरान घटना के बाद सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। वहीं इस मामले को लेकर ADG लखनऊ राजीव कृष्णा ने कहा कि परिवार को 24 घंटे पुलिस प्रोटेक्शन दिया जा रहा है। अगर परिवार मांग करेगा को इसकी CBI इंक्वायरी भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है।

विवेक तिवारी का रविवार को बैकुंठ धाम भैंसा कुंड पर अंतिम संस्कार किया गया। मृतक विवेक तिवारी के पार्थिव शरीर को बड़े भाई राजेश तिवारी ने मुखाग्नि दी। यूपी सरकार ने विवेक तिवारी के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी देने का एलान किया है।

बता दें कि लखनऊ के गौमतीनगर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियान रात पुलिस ने एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को संदिग्ध समझकर गोली मार दी थी, उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि युवक की मौत सिर में गोली लगने से हुई थी। काफी देर तक मामले को छुपाने की कोशिश करने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया था। लखनऊ पुलिस के एडीजी ने पहले विवेक के चरित्र पर सवाल उठाए, लेकिन बाद में उन्होंने माफी मांग ली थी।