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MP: दमोह में 6 साल की मासूम से रेप, फिर फोड़ी आंखें, CM बोले- दरिंदे को होगी सख्त सजा

MP: दमोह में 6 साल की मासूम से रेप, फिर फोड़ी आंखें, CM बोले- दरिंदे को होगी सख्त सजा

हाईलाइट

  • मध्य प्रदेश के दमोह जिले में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म
  • मासूम के साथ पहले रेप किया गया, फिर दोनों आंखें फोड़ी

डिजिटल डेस्क, दमोह। एक 6 साल की मासूम बच्ची घर के बाहर खेलते वक्त अचानक से लापता हो गई, फिर उसे सुनसान जगह पर ले जाकर बड़ी बेरहमी के साथ दुष्कर्म किया गया। वह दरिंदों को पहचान न सके इसलिए उसकी दोनों आंखें फोड़ दी गईं और हाथ-पैर बांधकर उसे अधमरी हालत में एक बोरे में बंद कर खंडहर मकान में फेंक दिया गया। यह दिल दहलाने वाली घटना लॉकडाउन के दौरान मध्य प्रदेश के दमोह में घटी है। जिसके बाद से पूरे इलाके में लोग आक्रोशित हैं। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा रहा है। विपक्ष मासूम के साथ दरिंदगी के मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की बात कही है। 

देर रात तक बच्ची को ढूंढते रहे परिजन
मामला दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव का है। बताया जा रहा है कि बच्ची बुधवार शाम करीब 5-6 बजे घर के बाहर खेल रही थी और इसी दौरान वह अचानक गायब हो गई। जिसके बाद परिजनों ने देर रात कर बच्ची को पूरे गांव में तलाशा लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे बच्ची गांव के बाहर खेत में स्थित एक जर्जर मकान में गंभीर स्थिति में पड़ी हुई मिली है। बच्ची की हालत देख सभी के दिल दहल गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा मासूम के दोनों हाथ-पैर बंधे हुए थे और आंखें फोड़ दी गई थीं। आंख से खून निकल रहा था। परिजनों ने बच्ची को हिलाया तो वह मां को पुकारने लगी।

मासूम की हालत गंभीर, जबलपुर रेफर
बच्ची को तुरंत उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा लाया गया मगर हालत गंभीर होने पर जबलपुर रेफर कर दिया गया। गांव पहुंचे दमोह एसपी हेमंत सिंह चौहान ने कहा, बुधवार शाम बच्ची दोस्तों के साथ खेल रही थी। तभी कोई अज्ञात व्यक्ति उसे यहां से ले गया। रेप के बाद उसकी आंखों में चोट पहुंचाई गई। फिलहाल कई संदिग्धों से पूछताछ की गई है। हालत गंभीर होने के कारण मासूम को जबलपुर रेफर कर दिया गया है। मौके पर जांच के लिए एफएसएल की टीम भी पहुंची। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को लेकर शिवराज सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि, शिवराज जी , प्रदेश में ये क्या हो रहा है। लॉकडाउन में भी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

कमलनाथ ने ये भी कहा कि, मासूम बालिकाएँ भी सुरक्षित नहीं हैं। दमोह की इस घटना के आरोपियों को शीघ्र पकड़ा जाये, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, सरकार मासूम बालिका का इलाज करवाये और परिवार की हरसंभव मदद की जाए।

ऐसी घटनाएं हमारे सभ्य समाज के माथे पर कलंक
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि, इस अमानवीय कृत्य की सूचना से मन खिन्न है। घटना के बाद पूरा दमोह जिला आंदोलित है। ऐसी घटनाएं किसी के साथ हो हमारे सभ्य समाज के माथे पर कलंक है, लोग अब नर पिशाच हो गए हैं। मेरी पुलिस प्रशासन से अपेक्षा है कि दोषियों को शीघ्र चिन्हित कर उनके प्रति सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

दरिंदे को होगी सख्त से सख्त सजा
वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए ट्वीट कर कहा है, दमोह में एक मासूम बिटिया के साथ हुई दुष्कर्म की घटना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने घटना का संज्ञान लेकर अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं। उस दरिंदे को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। बिटिया के समुचित इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।