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कहीं राजनीति तो कहीं संवाद माध्यम गिराते हैं बहस का स्तर

कहीं राजनीति तो कहीं संवाद माध्यम गिराते हैं बहस का स्तर

हाईलाइट

  • दैनिक भास्कर के चर्चा कार्यक्रम में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं ने खुलकर रखे विचार
  • कार्यक्रम में गौरव वल्लभ, मीनाक्षी लेखी, प्रियंका चतुर्वेदी व महेश तपासे शामिल हुए
  • दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे ने प्रश्न पूछे

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राजनीति में बहस का स्तर गिरने का सिलसिला पहले से चल रहा है। अब यह स्तर और भी बढ़ गया है। कहीं राजनीति तो कहीं संवाद माध्यम राजनीतिक बहस का स्तर गिराते हैं। इन्हें रोकने के लिए समाज को ही पहल करना होगा। यह मानना है देश में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं का। 

रविवार को दैनिक भास्कर ने राजनीति बहस का स्तर विषय पर चर्चा का आयोजन किया था। सांइटिफिक सभागृह लक्ष्मी नगर में हुए इस कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव वल्लभ, भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी, शिवसेना प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी व राकांपा के प्रवक्ता महेश तपासे सहभागी हुए। बहस का स्तर गिरने का कारण अलग.अलग ठहराते हुए सभी प्रवक्ताओं ने माना कि बहस के साथ भाषा व चर्चा के स्तर का भी सभी नेताओं व राजनीतिक दलों ने ध्यान रखना चाहिए। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि बहस का स्तर कहां गिर रहा है यह भी ध्यान देना होगा। समाचार चैनलों व संसद की बहस अलग है। संसद में बहस का स्तर कायम है। 

उन्होंने यह भी कहा कि बहस का स्तर गिरना व गिराना व्यक्ति के संस्कार पर निर्भर है। जैसा प्रशिक्षण मिलता है वैसा व्यवहार सामने आता है। गौरव वल्लभ ने सवाल दागा कि बहस कहां हो रही है। संसद में भी सुना नहीं जा रहा है। बोलनेवालों को कहीं और भेज दिया जाता है। उन्होंने राजनीतिक बहस के गिरते स्तर के लिए समाचार चैनलों को अधिक जिम्मेदारी ठहराया। 

प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार तरीका बदला है, लेकिन बहस तो हो रही है। बहस से भागना नहीं चाहिए। बहस के मामले में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष कहीं दिख ही नहीं रहा है। बहस का स्तर गिराने के लिए सभी जिम्मेदार हैं। महेश तपासे के अनुसार समाचार चैनलों में पक्षपात बहस के स्तर को गिराते हैं। एंकर की भूमिका भी कई बार ठीक नहीं रहती है। विपक्ष की बात नहीं सुनी जाती है। माइक बंद कर दिए जाते हैं। सभी प्रवक्ताओं ने विविध विषयों पर प्रश्नों के उत्तर भी दिए। दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे ने प्रश्न पूछे। प्रस्तावना संपादक मणिकांत सोनी ने रखी। आभार समन्वय संपादक आनंद निर्बाण ने माना।


दैनिक भास्कर के चर्चा कार्यक्रम में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं ने खुलकर रखे विचार
कार्यक्रम में गौरव वल्लभ, मीनाक्षी लेखी, प्रियंका चतुर्वेदी व महेश तपासे शामिल हुए
दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे ने प्रश्न पूछे

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।