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बिहार की जेलों में गूंज रहे छठी मैया के गीत, हिंदू और मुस्लिम कैदी कर रहे छठ

November 01st, 2019 14:49 IST
बिहार की जेलों में गूंज रहे छठी मैया के गीत, हिंदू और मुस्लिम कैदी कर रहे छठ

हाईलाइट

  • बिहार की जेलों में गूंज रहे छठी मैया के गीत, हिंदू और मुस्लिम कैदी कर रहे छठ

डिजिटल डेस्क, पटना। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर बिहार में जहां गांवों की पगडंडियों से लेकर शहरों के मुहल्लों तक में छठ के कर्णप्रिय गीत गूंज रहे हैं, वहीं बिहार के जेल भी छठ पर्व को लेकर भक्ति में सराबोर है। बिहार की जेलों में बंद कैदी भी छठ पर्व कर रहे हैं और इन जेलों में भी छठ के गीत गूंज रहे हैं।

इन जेलों में बंद इंसान मजहबी दीवार तोड़कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी कायम कर रहे हैं। इन जेलों में बंद कई मुस्लिम कैदी भी छठ मना रहे हैं। जो खुद व्रत नहीं रख रहे, वे अन्य कैदी छठव्रतियों की मदद कर रहे हैं। जेल प्रशासन भी छठ पर्व करने वालों के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

मुजफ्फरपुर जिला स्थित खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार के अधीक्षक राजीव कुमार ने आईएएनएस को बताया कि उनके जेल में इस वर्ष कुल 111 कैदियों ने छठ व्रत रखा है, जिनमें 51 महिलाएं और 60 पुरुष हैं। उन्होंने बताया, इस जेल में एक पुरुष जुम्मन मियां और एक मुस्लिम महिला भी छठ पर्व कर रही हैं। इस जेल के बाकी अन्य करीब 1500 से ज्यादा कैदी उनकी मदद कर रहे हैं।

कुमार के मुताबिक, जेल के सभी कैदी पूरे जेल परिसर की साफ-सफाई और उसे सजाने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि छठ व्रत करने वाले सभी कैदियों के लिए जेल प्रशासन द्वारा फल, फूल और वस्त्र की व्यवस्था की गई है। छठ के गीतों से न केवल बिहार की गलियां और सड़कें गुंजायमान हैं, बल्कि बिहार की जेलों में भी छठ के गीत गूंज रहे हैं।

बिहार की विभिन्न जेलों में बंद कैदी भी सूयरेपासना का व्रत भक्तिपूर्वक कर रहे हैं। पटना के आदर्श जेल बेउर जेल में 16 महिलाएं और 34 पुरुषों समेत 50 कैदी छठ व्रत कर रहे हैं। बेउर जेल के अधीक्षक जवाहर लाल प्रभाकर ने बताया कि इन छठव्रती कैदियों के लिए सारी व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा कराई गई हैं। अघ्र्य देने के लिए जेल के अंदर ही अस्थायी जलकुंड की भी व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि बेउर जेल में हर साल कैदी छठ व्रत करते हैं। जेल में बने सरोवर की सफाई कर उसमें पानी भरा गया है। इस सरोवर के चारों ओर बिजली के रंगीन बल्ब लगाए गए हैं, जबकि पास ही टेंट की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की ओर से प्रसाद बनाने की सामग्री के साथ वस्त्र भी श्रद्घालुओं को दिए गए हैं।

एक अधिकारी बताते हैं वैसे तो ये 50 कैदी निराहार छठ व्रत कर रहे हैं, लेकिन पूरी जेल के कैदी भक्तिभाव में डूबे हुए हैं। जेल में तीन दिनों से छठ के गीत गाए जा रहे हैं। छठ के मौके पर पूर्वी चंपाारण जिला के मुख्यालय मोतिहारी जेल में भी छठ पर्व पर चहल-पहल देखी जा रही है, पिछले तीन दिनों से यहां छठी मैया के गीत गूंज रहे हैं।

मोतिहारी जेल के उपाधीक्षक सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि जेल में बंद करीब 13 सौ बंदी में से कुल 80 बंदी छठ पर्व कर रहे हैं। इसमें 35 महिलाएं, 45 पुरुष शामिल हैं। वहीं, जेल में दो मुस्लिम बंदियों ने भी बुधवार के दिन नहाय-खाय के साथ छठ प्रारंभ किया है।

मुस्लिम महिला बंदी हुस्न तारा खातून और जयबुन निशां पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर रही है। प्रशासन द्वारा वस्त्र के अलावा फल, आटा, चावल, घी, गुड़ और चीनी आदि सामानों की व्यवस्था की गई है। सभी बंदियो को सामान दिया गया है, ताकि वे पूरी पवित्रता व विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर सकें। इसके अलावा भी राज्य के कई जेलों में कैदियों द्वारा छठ पर्व करने की सूचना है।

उल्लेखनीय है कि चार दिनों के इस पर्व की गुरुवार को नहाय-खाय के साथ विधिवत शुरुआत हो गई। शुक्रवार को व्रत करने वाले खीर-रोटी का भोग लगाकर खरना करेंगे तथा शनिवार को अस्ताचलगामी सूर्य व रविवार को उदीयमान भगवान भास्कर को अघ्र्य देने के बाद पारण के साथ महापर्व छठ पर्व संपन्न हो जाएगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।