comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

25 अक्टूबर को पार्टी लीडर्स के साथ सोनिया की मीटिंग, चुनावी नतीजों पर चर्चा की संभावना

25 अक्टूबर को पार्टी लीडर्स के साथ सोनिया की मीटिंग, चुनावी नतीजों पर चर्चा की संभावना

हाईलाइट

  • कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगी
  • महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के एक दिन बाद ये मीटिंग होगी
  • इस मीटिंग में चुनाव के नतीजों पर चर्चा होने की संभावना है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के एक दिन बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगी। बैठक नई दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर होगी। सूत्रों ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद रहेंगे। इस मीटिंग में चुनाव के नतीजों पर चर्चा होने की संभावना है।

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को संपन्न हुए हैं। परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। कई एग्जिट पोल ने दोनों राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए शानदार जीत की संभावना जताई जा रही है।

एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक, बीजेपी-शिवसेना गठबंधन महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 211 और कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गठबंधन 64 सीटें जीत सकती है। 

हरियाणा में भाजपा को 90 में से 66 सीटें जीतने की संभावना है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 14 सीटें मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि, कांग्रेस ने अब तक एग्जिट पोल की संभावनाओं को खारिज कर दिया है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना ​​है कि बीजेपी ने आर्टिकल 370 और अन्य मुद्दों पर चुनाव लड़ा, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है क्योंकि लोगों ने स्थानीय मुद्दों और जाति के आधार पर वोट दिया है। एक पार्टी नेता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान एक पैटर्न दिखाता है क्योंकि शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कम मतदान देखा गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने पार्टी के दोनों राज्यों में वापसी करने का दावा करते हुए कहा 'हम एग्जिट पोल में विश्वास नहीं करते हैं।'पार्टी के एक नेता ने कहा कि पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी ने दोनों राज्यों में कम बैठकों को संबोधित किया, लेकिन वे आर्थिक मंदी पर एक संदेश देने में सक्षम रहे। बता दें कि कांग्रेस ने 2014 में दोनों राज्यों में सत्ता गंवा दी थी। 

कमेंट करें
Xid6K
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।