दैनिक भास्कर हिंदी: शारदा चिटफंड : कोर्ट से राजीव कुमार को झटका, अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार

September 17th, 2019

हाईलाइट

  • राजीव कुमार को बारासात की स्पेशल कोर्ट से झटका लगा है
  • स्पेशल कोर्ट ने कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया
  • जज ने राजीव कुमार को राहत के लिए बारासात जिला सत्र न्यायालय जाने के निर्देश दिए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शारदा चिटफंड मामले में जांच का सामना कर रहे कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को बारासात की स्पेशल कोर्ट से झटका लगा है। स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को राजीव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

जज संजीव तालुकदार ने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई करना उनके अधिकार  क्षेत्र से बाहर है। ऐसा इसीलिए क्योंकि यह एक ट्रायल कोर्ट है। जज ने राजीव कुमार को राहत के लिए बारासात जिला सत्र न्यायालय जाने के निर्देश दिए।

राजीव कुमार वर्तमान में आपराधिक जांच विभाग (CID) में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हैं। उन्हें पूछताछ के लिए सोमवार दोपहर 2 बजे तक CBI के सामने पेश होना था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बाद एजेंसी ने कुमार के ठिकाने के बारे में जानकारी लेने के लिए मुख्य सचिव और गृह सचिव को दो पत्र सौंपे। यह दूसरा मौका था जब कुमार जांच एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए पेश होने में विफल रहे। वह पिछले मंगलवार से छुट्टी पर हैं।

बता दें कि राजीव कुमार पर शारदा चिट फंड घोटाले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने का आरोप है। वह चिट फंड घोटाले की जांच कर रही पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के प्रमुख थे। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि राजीव कुमार ने कुछ आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDRs) सीबीआई को हैंडओवर नहीं किए और बाद में जो रिकॉर्ड्स हैंडओवर किए उनसे छेड़छाड़ की गई थी।

सीबीआई का दावा है कि राजीव कुमार की ओर से सौंपे गए सीडीआर को जब मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर द्वारा उपलब्ध कराए गए सीडीआर से मैच कराया गया तो वे मैच नहीं हुए। इन्हीं सब कारमों को लेकर CBI राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है। इस केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिंदबरम पर भी आरोप लगे है। नलिनी पर आरोप है कि उन्हें शारदा ग्रुप से 1.4 करोड़ रुपए मिले थे।

शारदा चिटफंड पश्चिम बंगाल का एक बड़ा घोटाला है। शारदा ग्रुप कंपनी की स्थापना 2008 में हुई थी। चार साल में इस कंपनी ने बंगाल, असम और ओडिशा में करीब 300 ऑफिस खोल लिए थे। इस दौरान ग्रुप ने करीब 4 बिलियन डॉलर (40 हजार करोड़) रुपए की कमाई की थी।

यह ग्रुप अप्रैल 2013 में बंद हो गया। शारदा ग्रुप पर आरोप है कि उसने करीब 1.7 मिलियन निवेशकों से पैसे लिए और उन्हें ऑफर दिया कि उनके दिए गए पैसों को 34 गुना कर वापस दिया जाएगा।