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भय्यूजी महाराज ने खुद को मारी गोली, हॉस्पिटल में निधन, सुसाइड नोट बरामद

June 13th, 2018 08:26 IST

हाईलाइट

  • संत भय्यूजी महाराज ने खुद को मारी गोली।
  • इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में निधन।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। राष्ट्र संत के रूप में प्रसिद्ध भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। जानकारी के मुताबिक इंदौर के सिल्वर स्प्रिंग स्थित निवास पर उन्होंने खुद को गोली मारी थी। इसके बाद उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उन्हें बचाने की कोशिश नाकाम रही। भय्यूजी महाराज की मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बड़ी फॉलोइंग है।आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने कहा कि पुलिस ने सुसाइड नोट और आत्महत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी हथियार बरामद कर लिया है। नोट में अंग्रेजी में लिखा गया है, 'किसी को वहां परिवार की देखभाल के लिए होना चाहिए। मैं जा रहा हूं... काफी तनावग्रस्त, परेशान था।






 

खुदकुशी की वजह का खुलासा नहीं

भय्यूजी महाराज संत होने के साथ ही सूर्योदय संस्था के जरिए सामाजिक कार्य करते थे। उन्होंने मौत की राह क्यों चुनी, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। हालांकि माना जा रहा है कि पारिवारिक तनाव की वजह से उन्होंने मौत को गले लगा लिया। 

पिछले वर्ष ही किया था दूसरा विवाह

पहली पत्नी के निधन के बाद भय्यूजी महाराज ने पिछले साल अप्रैल में ग्वालियर की डॉ. आयुषी से विवाह किया था। उनका ये कदम हैरत में डालने वाला था, लेकिन मां और बेटी की देखभाल के लिए उन्होंने ये कदम उठाया था।

bhaiyyu maharaj

मध्य प्रदेश सरकार ने दिया था राज्य मंत्री का दर्जा

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने भय्यूजी महाराज को राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था।

29 अप्रैल 1968 को शुजालपुर में हुआ था जन्म 

भय्यूजी महाराज का जन्म 29 अप्रैल 1968 को मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर में जमीदार परिवार में हुआ था। वो सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। RSS और BJP के आला नेताओं के साथ उनकी नजदीकियां रही हैं। उन्हें संकटमोचक के तौर पर देखा जाता था और कई बार उन्होंने इसे साबित भी किया। गुरु दक्षिणा के रूप में वह लोगों से एक पौधा लगाने के लिए कहते थे। ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर भी वह काफी चिंतित थे।

मॉडलिंग से शुरू किया था करियर

भय्यूजी महाराज महाराष्ट्रियन समाज के बीच काफी लोकप्रिय थे। भय्यूजी महाराज का असली नाम उदयसिंह देशमुख है। उन्होंने मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की थी। कभी कपड़ों के एक ब्रांड के ऐड के लिए मॉडलिंग कर चुके हैं। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है। उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर स्थित है। 


 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।