comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Strike: पंजाब-हरियाणा सीमा पर जुटे सैकड़ों प्रदर्शनकारी किसान, दोनों राज्यों की सीमाओं पर भारी पुलिसबल तैनात

Strike: पंजाब-हरियाणा सीमा पर जुटे सैकड़ों प्रदर्शनकारी किसान, दोनों राज्यों की सीमाओं पर भारी पुलिसबल तैनात

हाईलाइट

  • दिल्ली की सभी सड़कों को अवरुद्ध करने की धमकी दी
  • दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के इंतजाम किए
  • हरियाणा में प्रदर्शनकारियों का चार नेशनल हाईवे पर फोकस

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब के सैकड़ों किसान बुधवार सुबह से ही हरियाणा के साथ लगती अंतर्राज्यीय सीमाओं पर जुटने लगे। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनके दिल्ली चलो आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर उनके कूच को प्रतिबंधित कर दिया। एक एहतियाती कदम के रूप में, पड़ोसी राज्य भाजपा शासित हरियाणा ने प्रदर्शनकारियों के जुटने को रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी है। साथ ही, पुलिस ने राज्य के लगभग 100 किसान नेताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया।

Image

पुलिस के अनुमान के अनुसार, पंजाब के लगभग 2,00,000 किसान 26 नवंबर से अपने दिल्ली चलो आंदोलन के तहत दिल्ली रवाना होने के लिए तैयार हैं। भारतीय किसान यूनियन (BKQ) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब के किसानों के लिए अंतर्राज्यीय सीमाओं को सील कर दिया है, ताकि यह साबित कर सके कि पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया कि हम शांतिपूर्वक हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के मार्गो को अवरुद्ध करेंगे। सड़कों पर धरना शुरू करेंगे।

दिल्ली की सभी सड़कों को अवरुद्ध करने की धमकी दी
राजेवाल ने राष्ट्रीय राजधानी जाने के लिए किसानों को रास्ता देने से इनकार करने पर खट्टर से सवाल किया। 33 संगठनों से जुड़े किसान संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा हैं, जो 470 से अधिक किसान यूनियनों का अखिल भारतीय निकाय है जो 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी में बेमियादी विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली की ओर जाने की अनुमति से वंचित रहने पर दिल्ली की सभी सड़कों को अवरुद्ध करने की धमकी दी है।

दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के इंतजाम किए
दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने के लिए कहा है, क्योंकि उनके पास शहर में विरोध करने की अनुमति नहीं है।हरियाणा पुलिस ने भी यात्रा दिशानिर्देश जारी किया है, जिससे यात्रियों को विरोध के मद्देनजर कुछ राष्ट्रीय राजमार्गो पर आवागमन से बचने के लिए कहा गया है। पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री खट्टर के निर्देशानुसार राज्य की सीमा पर कई स्थानों पर सड़क अवरोधक लगाए गए हैं। राज्य पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि सिविल और पुलिस प्रशासन द्वारा विस्तृत व्यवस्था की गई है। इन व्यवस्थाओं का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए उचित कानून और व्यवस्था बनाए रखना, यातायात और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के कार्य को सुचारु बनाना और सार्वजनिक शांति और व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

हरियाणा ने सभी सीमाएं कीं सील
पंजाब के किसान के दिल्ली कूच को देखते हुए हरियाणा सरकार अलर्ट हो गई है। पंजाब और दिल्ली से लगती राज्य की सीमा पर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी गई है। फतेहाबाद में रतिया-सरदूलगढ़ रुट पर गांव नागपुर के पास नाका लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जबकि टोहाना में भी नाके पर पुलिस तैनात कर दी गई। सभी क्षेत्रों में 15 ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। उनके साथ डीएसपी व थाना प्रभारियों को तैनात किया गया है। रतिया क्षेत्र से देहाती मजदूर सभा के राज्य महासचिव तेजिंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे किसानों की नाराजगी बढ़ गई है। शहर चौकी इंचार्ज कुलदीप ने पुष्टि करते हुए बताया कि शांति भंग होने की आशंका के चलते गिरफ्तार किया गया है।

हरियाणा में प्रदर्शनकारियों का चार नेशनल हाईवे पर फोकस
हरियाणा के भीतर प्रदर्शनकारियों का मुख्य फोकस चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग होंगे, जो दिल्ली की ओर जाते हैं, यानी अंबाला से दिल्ली, हिसार से दिल्ली, रेवाड़ी से दिल्ली और पलवल से दिल्ली। प्रवक्ता ने कहा कि उचित कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए, यह संभावना है कि पुलिस द्वारा 25, 26 और 27 नवंबर को ट्रैफिक डायवर्जन या रोड ब्लॉक कर दिया जाए।

Image

आगामी वार्ता किसानों की चिंताओं के जल्द निवारण का मार्ग प्रशस्त करेगी: पंजाब सीएम
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में 3 दिसंबर को कृषि कानूनों के मुद्दे पर विभिन्न किसान संगठन के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के केंद्र के फैसले का मंगलवार को स्वागत किया था। उन्होंने कहा है कि आगामी वार्ता केंद्रीय कृषि कानूनों पर किसानों की चिंताओं के जल्द निवारण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

दिल्ली में दो लाख किसान करेंगे ऐतिहासिक प्रदर्शन: बूटा सिंह
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू-एकता डकोंडा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा कि लंगर (मुफ्त भोजन सेवा) तब तक चलेगी जब तक कि केंद्र सरकार कानूनों को वापस नहीं लेती। उन्होंने कहा कि दो लाख किसानों की मौजूदगी के बीच दिल्ली में यह एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन होगा। हम अपने विरोध प्रदर्शन से आधा इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

कमेंट करें
TsN76
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।