comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

ऐसी व्यवस्था हो कि आरटीआई लगाने की जरूरत ही न पड़े : अमित शाह


हाईलाइट

  • सूचना आयोग (सीआईसी) का 14वें स्थापना दिवस
  • अमित शाह ने कहा जनता को आरटीआई लगाने की जरूरत ही न पड़े

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के 14वें स्थापना दिवस पर कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि लोगों को आरटीआई दाखिल करने की जरूरत ही न पड़े, बल्कि सरकार खुद सामने आकर सूचनाएं दे।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में हम इसी तरह का प्रशासन देना चाहते हैं कि सूचना का अधिकार के आवेदन कम से कम आएं और लोगों को आरटीआई लगाने की जरूरत ही न पड़े। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले प्रशासन का उद्देश्य अपने आकाओं की इच्छा की पूर्ति करना था, इसके कारण बड़े कालखंड में जनता और प्रशासन के बीच बड़ी खाई बन गई थी, मगर आरटीआई ने इस खाई को पाटने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा, 2016 में जब मैंने कानून का अध्ययन किया तो मुझे भी लगा कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। लेकिन आज हम कह सकते हैं कि दुरुपयोग बहुत कम हुआ है और सदुपयोग बहुत ज्यादा हुआ है। आरटीआई के दुरुपयोग की तरफ इशारा करते हुए अमित शाह ने कहा कि अकारण इस अधिकार का उपयोग न करें, इसका उपयोग परदर्शिता और गतिशीलता लाने के लिए ही करें। सूचना के अधिकार के साथ-साथ लोगों में दायित्व की भावना को भी जगाना जरूरी है।

अमित शाह ने सरकारी कार्यों में पारदर्शिता का उदाहरण देते हुए कहा कि सौभाग्य योजना के तहत लोग डेशबोर्ड में ये देख सकते हैं कि उनके घर में बिजली कब लगने वाली है। उन्होंने कहा, केदारनाथ धाम के नए स्वरूप का निर्माण हो रहा है, वहां घाटी में ऑल वेदर रोड बन रही हैं। आपको आश्चर्य लगेगा लेकिन वहां की पूरी निगरानी ड्रोन के माध्यम से ऑनलाइन हो रही है।

आरटीआई दिवस के मौके पर केंद्रीय सूचना आयोग के 14 वें स्थापना दिवस पर गृह मंत्री ने कहा कि आरटीआई एक्ट अन्याय रहित सुशासन देने की दिशा में अच्छा प्रयास है, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था देने और अधिकारों के अतिक्रमण को नियंत्रित करने में भी आरटीआई ने अपनी पूरी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग से लेकर हर राज्य में सूचना आयोग की स्थापना की गई है। इस अधिनियम के तहत लगभग 5 लाख से ज्यादा सूचना अधिकारी इस कानून के तहत काम कर रहे हैं। भारत विश्व में पहला ऐसा देश है जो नीचे तक सूचना तंत्र की रचना करने में सफल हुआ है और एक जवाबदेह सूचना तंत्र का गठन कर पाया है।

गृह मंत्री ने बताया कि 1990 तक केवल 11 ही देशों में आरटीआई का कानून था। वैश्वीकरण, आर्थिक उदारीकरण और तकनीक इनोवेशन के युग की शुरुआत होते ही ये संख्या बढ़ने लगी। आरटीआई के कारण कई देशों में अच्छे प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं जिनमें भारत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल में आरटीआई एक्ट के कारण जनता और प्रशासन के बीच की खाई को पाटने में बहुत मदद मिली है और जनता का प्रशासन व व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है।

कमेंट करें
Bla1Z
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।