comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सिद्धू के पाक जाने की कोशिशों पर सुखबीर बोले- वे वहीं बस जाएं तो अच्छा होगा

August 14th, 2018 18:29 IST
सिद्धू के पाक जाने की कोशिशों पर सुखबीर बोले- वे वहीं बस जाएं तो अच्छा होगा

हाईलाइट

  • मुझे लगता है कि अगर सिद्धू पाकिस्तान में ही रह जाएं तो पंजाब में शांति हो जाएगी : सुखबीर बादल।
  • सिद्धू के दिमाग में थोड़ा भी संतुलन है तो उन्हें पाकिस्तान नहीं जाना चाहिए : सुब्रमण्यम स्वामी।
  • पाकिस्तान जाने के लिए सिद्धू कर रहे हैं भारत सरकार की अनुमति का इंतजार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के चेयरमैन इमरान खान 18 अगस्त को पाकिस्तान के नए वजीर-ए-आजम बनने जा रहे हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में जाने के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पूरी तरह से जुटे हुए हैं। इस बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने सिद्धू की इन कोशिशों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि बेहतर होगा कि सिद्धू पाकिस्तान में ही रह जाएं, ताकि पंजाब में शांति आ सके।

बादल ने कहा, 'सिद्धू साहब का मालूम नहीं कल क्या करेंगे, परसों क्या करेंगे और जो करेंगे उसका असर और नुकसान क्या होगा। मुझे लगता है कि अगर वो पक्के वहीं रह जाएं तो पंजाब में शांति हो जाएगी और देश में भी।'


बादल के अलावा बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सिद्धू को इस मामले में लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा है, 'मुझे नहीं लगता वो स्थिर दिमाग के हैं। अगर उनके दिमाग में थोड़ा भी संतुलन है तो उन्हें पाकिस्तान नहीं जाना चाहिए। पाकिस्तान जाने से उनके राजनीतिक करियर में बड़ा नुकसान होगा। लोग उन्हें गद्दार समझेंगे।'

बता दें कि इमरान खान ने इस समारोह के लिए भारत के तीन पूर्व क्रिकेटरों सुनील गावस्कर, कपिल देव और नवजोत सिंह सिद्धू और एक्टर आमिर खान को न्योता भेजा था। कपिल, गावस्कर तो इस समारोह में नहीं जा रहे हैं। वहीं आमिर के भी इस समारोह में भाग लेने की कोई संभावना नहीं है। इधर सिद्धू, इमरान के शपथ ग्रहण में जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। सिद्धू इसके लिए पाक वीजा का भी आवेदन कर चुके हैं।

सोमवार को सिद्धू ने भारत में स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से निकलने के बाद कहा था, 'कुछ औपचारिकताएं हैं जिनके लिए मैं यहां हूं, मैंने सरकारी अनुमति के लिए आवेदन किया है। सब कुछ भारत सरकार की अनुमति पर निर्भर करता है।'

कमेंट करें
NcISx
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।