दैनिक भास्कर हिंदी: लद्दाख में शहीद हुए बिहार के 5 जवानों में से सुनील का पार्थिव शरीर पटना पहुंचा

June 17th, 2020

हाईलाइट

  • लद्दाख में शहीद हुए बिहार के 5 जवानों में से सुनील का पार्थिव शरीर पटना पहुंचा

पटना, 17 जून (आईएएनएस)। भारत-चीन के सैनिकों के बीच सोमवार रात लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों में पांच जवान बिहार के हैं। इनमें से पटना जिले के बिहटा निवासी सुनील कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार शाम विशेष विमान से पटना हवाईअड्डे लाया गया।

शहीद सुनील कुमार का शव पहुंचने पर सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने स्टेट हैंगर पर शहीद को श्रद्घांजलि दी। शहीद को सबसे पहले उनके परिवार के लोगों ने श्रद्घांजलि दी। इसके बाद पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने श्रद्घांजलि दी।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नंद किशोर यादव, तेजस्वी यादव, जगदानंद सिंह, जीतनराम मांझी, रामपाल यादव, पप्पू यादव, ललन सिंह, राम पाल यादव समेत कई नेताओं ने शहीद को श्रद्घांजलि दी।

शहीद जवान सुनील कुमार पटना के बिहटा के शिकरिया गांव के रहने वाले थे। 35 साल के सुनील 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। 2004 में उनकी शादी हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं।

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प में बिहार के वैशाली के जय किशोर सिंह भी शहीद हुए हैं। उनके शहीद होने की खबर के बाद से गांव में मातम का माहौल है। शहीद की मां अपने शहीद पुत्र का फोटो लेकर रो-बिलख रही है। गांव वाले जय किशोर सिंह को एक बेहतर इंसान बता रहे हैं।

शहीद के पिता राजकपूर सिंह कहते हैं, दो और बेटों को देश की सेवा के लिए भेजेंगे। मुझे गर्व है कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है।

शहीद जयकिशोर के बड़े भाई नंदकिशोर कुमार भी साल 2012 से सेना में देश के लिए सेवा दे रहे हैं। फिलहाल वह सिलीगुड़ी में तैनात हैं। शहीद जयकिशोर सिंह वर्ष 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। शहीद के दो भाई शिवम किशोर और कौशल किशोर फिलहाल सेना में भर्ती होने की तैयारी में जुटे हैं।

शहीद जवान के पिता किसान हैं, वही मां मंजू देवी गृहिणी हैं। शहीद के परिजनों को ढांढ़स बंधाने महनार के जद(यू) विधायक उमेश कुशवाहा भी शहीद के गांव पहुंचे, जहां उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने शहीद जयकिशोर सिंह को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि इस घटना से सभी लोग मर्माहत हैं।

अन्य शहीदों में समस्तीपुर के अमन कुमार, भोजपुर के सिपाही चंदन कुमार, सहरसा के कुंदन कुमार शामिल हैं।

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि देश इन शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखेगा। वह इस घटना से काफी मर्माहत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राज्य सरकार की ओर से पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश के 20 सैनिकों के शहीद होने की घटना को लेकर पूरे देश के साथ बिहार के लोगों में भी गुस्सा है। शहीद सैनिकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों ने कर्तव्य के पथ पर असीम साहस और शौर्य का प्रदर्शन कर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। इन सैनिकों ने भारतीय सेना की वीरता की परंपरा का निर्वाह करते हुए अपनी जान कुर्बान की, जिसे यह देश कभी नहीं भूलेगा।