दैनिक भास्कर हिंदी: पी.चिदंबरम का सवाल- मोदी सरकार ने सिर्फ 36 विमान ही क्यों खरीदे?

December 15th, 2018

हाईलाइट

  • राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस का नया दांव
  • कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम और PAC के चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे सरकार का घेरा
  • सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज की थी राफेल की जांच को लेकर लगाई गई याचिकाएं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने नया दांव चला है। पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए मोदी सरकार से सवाल किया है। चिंदबरम ने पूछा है कि मोदी सरकार ने सिर्फ 36 विमान ही क्यों खरीदे, अगर NDA को 9 से 20 फीसदी तक सस्ते दाम पर विमान मिल रहे तो 126 विमान क्यों नहीं खरीदे गए ? कल सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली थी। कोर्ट ने राफेल विमान की जांच को लेकर लगाई सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि हम इस बात को साबित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दोस्त को चोरी कराई है।

 

चिदंबरम ने अपने ट्वीट में लिखा, वायुसेना का कहना है कि इस लड़ाकू विमान की ताकत कम हो गई है और कम से कम 7 स्क्वाड्रन (126 विमान) की जरूरत है। फिर, सरकार ने केवल 2 स्क्वाड्रन (36 विमान) क्यों खरीदे। राफेल 126 विमान बेचने को तैयार है। मोदी सरकार के वित्त मंत्रालय के मुताबिक कीमत सस्ती है। फिर, केवल 36 विमान क्यों खरीदें? क्या कोई इस रहस्य को हल करेगा?

 

 

पूर्व वित्तमंत्री के अलावा PAC (पब्लिक अकाउंट कमिटी या लोक लेखा समिति) के चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को आरोप लगाया कि सरकार ने CAG की रिपोर्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है और ऐसे में वह CAG और AG को तलब करने जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है कि CAG की रिपोर्ट को सदन में और पीएसी के समक्ष रखा जा चुका है और PAC ने इसकी जांच भी की। खड़गे ने कहा, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि यह पब्लिक डोमेन में है लेकिन यह कहां है? क्या आपने इसे देखा है? 

 

 

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील को लेकर याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि डील पर संदेह नहीं किया जा सकता है। इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे। सियासी नफे के लिए जनता को गुमराह किया जा रहा था। अमित शाह और राजनाथ सिंह राफेल मामले को लेकर कहा था। देश और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए जिम्मेदार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए। 

 

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