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जम्मू-कश्मीर कांग्रेस नेता की नजरबंदी रद्द करने संबंधी याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

June 08th, 2020 17:31 IST
 जम्मू-कश्मीर कांग्रेस नेता की नजरबंदी रद्द करने संबंधी याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर कांग्रेस नेता की नजरबंदी रद्द करने संबंधी याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज की नजरबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सोज की पांच अगस्त, 2019 से घर में नजरबंदी को चुनौती देते हुए उनकी पत्नी ने याचिका दायर की है। अदालत ने हालांकि जुलाई में इस मामले की सुनवाई तय कर दी और जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया।

सोज का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जल्द सुनवाई की मांग की और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की एक पीठ से आग्रह किया कि वह इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करें। मगर इस मामले में सोज को राहत नहीं मिली, क्योंकि न्यायमूर्ति मिश्रा ने मामले को जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

उमर अब्दुल्ला के मामले का हवाला देते हुए, सिंघवी ने दलील दी कि पहले भी इसी तरह के मामलों में नोटिस जारी किया गया था और छोटी अवधि की तारीखों के कारण लोगों की रिहाई हुई है। सिंघवी ने दावा किया कि बगैर किसी दस्तावेज के उन्हें नजरबंद किया गया। मगर न्यायाधीश मिश्रा ने उनकी दलीलों पर विचार नहीं किया।

सोज की पत्नी मुमताजुन्निसा सोज ने याचिका में कहा कि उनकी नजरबंदी को 10 महीने बीत चुके हैं और उन्हें अभी नजरबंदी के आधार की जानकारी नहीं दी गई है। सोज की पत्नी ने कहा कि उनके पति ने हमेशा भारत की एकता की वकालत की है और लगातार संवैधानिक सिद्धांतों को बरकरार रखा है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उनके पति ने राष्ट्र के प्रति सम्मान और जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी या भारत विरोधी आवाजों का विरोध भी किया है।

वकील सुनील फर्नांडीस के माध्यम से दायर याचिका में सोज की पत्नी ने कहा कि उनके पति की नजरबंदी पूरी तरह से संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत निर्धारित संवैधानिक सुरक्षा उपायों के विपरीत है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पति ने अलगाववादी खतरों के बावजूद लगातार संविधान के प्रति अटूट निष्ठा का प्रदर्शन किया है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके पति ने शांति भंग नहीं की है। उन्होंने कहा कि उनके पति ने न तो सार्वजनिक शांति भंग की है और न ही कोई ऐसा गलत कार्य किया है, जिससे शांति भंग हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांटने का फैसला लिया था। इस दौरान तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत कई नेताओं को एहतियात के तौर पर नजरबंद कर दिया गया था। फारूक और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं को अब रिहा कर दिया गया है, जबकि कुछ नेता अभी भी नजरबंद हैं।

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।