comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पीएसयू से एजीआर की मांग पूरी तरह अनुचित

June 11th, 2020 17:30 IST
 सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पीएसयू से एजीआर की मांग पूरी तरह अनुचित

हाईलाइट

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पीएसयू से एजीआर की मांग पूरी तरह अनुचित

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से स्वरूपित सकल राजस्व (एजीआर) की बकाया राशि के रूप में चार लाख करोड़ रुपये की दूरसंचार विभाग की मांग को खारिज करते हुए विभाग की खिंचाई की। अदालत ने विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।

अदालत ने पीएसयू से एजीआर की मांग को पूरी तरह से अनुचित करार देकर रोक दिया।

न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति एमआर शाह के साथ न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की शीर्ष वाली एक खंडपीठ ने दूरसंचार विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि पीएसयू के खिलाफ दूरसंचार विभाग की बकाया मांगों को वापस लिया जाना चाहिए।

अदालत ने मेहता से पूछा कि क्या उन्होंने सरकार को सार्वजनिक उपक्रमों के खिलाफ मांगों को वापस लेने की सलाह दी है और साथ ही कहा, सार्वजनिक उपक्रमों के खिलाफ उठाई गई मांग पूरी तरह से अनुचित है।

पीठ ने कहा, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप इसे (पीएसयू पर मांग) वापस लें अन्यथा हम अपने फैसले का दुरुपयोग करने के लिए उनके (दूरसंचार विभाग के अधिकारियों) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

खंडपीठ ने कहा, हम चाहते हैं कि वे एक हलफनामा दायर करें कि यह उनके (दूरसंचार विभाग के अधिकारी) द्वारा कैसे किया जा सकता है? हम उन्हें दंडित करेंगे।

बता दें कि शीर्ष अदालत ने 18 मई को भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य मोबाइल सेवा नेटवर्क को दूरसंचार विभाग को देय बकाया राशि का स्वत: मूल्यांकन करने पर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि उन्हें ब्याज के साथ बकाया राशि का भुगतान करना होगा। एक अनुमान के अनुसार यह राशि 1.6 लाख करोड़ रुपये है।

शीर्ष अदालत ने सरकार को देय बकाया राशि का पुन: आकलन करने की इन कंपनियों को अनुमति देने के लिए दूरसंचार विभाग को भी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि राजस्व की गणना के मामले में उसका 24 अक्टूबर 2019 का आदेश ही अंतिम है।

कमेंट करें
GceQM
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।