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लालू ने CBI जांच रोकने के लिए जेटली से मांगी थी मदद, नीतीश सरकार गिराने का किया था वादा: सुशील मोदी

लालू ने CBI जांच रोकने के लिए जेटली से मांगी थी मदद, नीतीश सरकार गिराने का किया था वादा: सुशील मोदी

हाईलाइट

  • RJD अध्यक्ष लालू यादव पर सुशील मोदी का बड़ा हमला। 
  • सुशील मोदी ने कहा, लालू ने CBI जांच में अरुण जेटली से मांगी थी मदद।
  • मदद के बदले नीतीश सरकार गिराने का किया था वादा।

डिजिटल डेस्क, पटना। चारा घोटाला मामले में जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बड़ा हमला बोला है। बुधवार को लालू यादव पर कई संगीन आरोप लगाते सुशील मोदी ने कहा, वह अपने स्वार्थ के लिए पांव पकड़ सकते हैं गिड़गिड़ा सकते हैं। सुशील मोदी ने ये भी खुलासा किया कि, लालू यादव ने सीबीआई जांच रोकने के लिए अरुण जेटली से मदद मांगी थी और बदले में नीतीश सरकार गिराने का वादा भी किया था।

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुशील मोदी ने लालू प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा, लालू ने अरुण जेटली से कहा था कि नीतीश परिस्थितियों के सीएम हैं। लालू यादव ने अपने दूत प्रेम गुप्ता को अरुण जेटली के पास मदद के लिए भेजा था। प्रेम गुप्ता ने जेटली से बातचीत के दौरान कहा था अगर सीबीआई चार घोटाला मामले में अपील न करे तो वह नीतीश की सरकार गिरा देंगे। 24 घंटे में नीतीश कुमार का इलाज बिहार में कर देंगे। 

सुशील मोदी ने ये भी कहा, ऐसे किसी भी प्रस्ताव को जेटली ने मानने से इंकार कर दिया था क्योंकि सीबीआई ऑटोनोमस बॉडी है। जेटली ने लालू की बात सुनने के बाद यह कहते हुए मदद करने से मना कर दिया था कि, सीबीआई स्वायत्त संस्था है और वह इस मामले में दखल नहीं दे सकते हैं। मैं कोई मदद नहीं कर सकता। बातचीत के बारे में नीतीश कुमार को पता चल गया था। जेटली और संजय झा के जरिए मुझे इस बात की जानकारी मिली थी।

आपको बता दें कि लालू यादव चारा घोटाला मामले में रांची के जेल में बंद हैं। सुशील मोदी ने कहा, वह जेल में बन्द हैं लेकिन बिहार की राजनीति प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। लालू अपने मुकदमे को खत्म करने के लिए नीतीश कुमार के खिलाफ एक तरह से साजिश रच रहे थे। वहीं बिहार में लालू यादव से समर्थन को लेकर सुशील मोदी ने कहा, किसी कीमत पर बीजेपी आरजेडी के साथ हाथ नहीं मिला सकती है। गौरतलब है कि लालू अपने भाषण और रैलियों में संघ के खिलाफ हमला बोलते रहे हैं। अपनी रैलियों में वह अक्सर संघ को ब्राह्मणवादी भी करार देते हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।