सारे मंत्री बदलेंगे!: गुजरात के नए मंत्रिमंडल का शपथ समारोह टला, कल दोपहर में हो सकता है गठन

September 15th, 2021

हाईलाइट

  • जल्द बनेगा भूपेंद्र पटेल का मंत्रिमंडल
  • भूपेंद्र पटेल पूरे मंत्रिमंडल में बदलाव करना चाहते हैं!
  • गुजरात बीजेपी पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ी!

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आज (बुधवार) दोपहर को होना तय हुआ था। लेकिन पार्टी में पूरी कैबिनेट बदलने पर विवाद हो जाने से  पहले आज शाम तक के लिए टाल दिया गया और उसके बाद अब खबर आ रही है कि शपथ ग्रहण कल (गुरूवार) तक के लिए टाल दिया गया है। दरअसल भूपेंद्र पटेल पूरे मंत्रिमंडल में बदलाव करना चाहते हैं, जिस पर पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ गई है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक विजय रूपाणी कार्यकाल के लगभग सभी मंत्रियों को हटा दिया जाएगा। और सिर्फ एक या दो मंत्री ऐसे होंगे जिन्हें दोबारा मंत्री का पद मिल सकता है। जानकारों के मुताबिक भूपेंद्र पटेल सरकार की नई कैबिनेट में लगभग 24 मंत्री शपथ ले सकते हैं। बताया जा रहा कि जातीय समीकरण को बैठाकर साफ-सुथरी छवि के नेताओं को मंत्रिमंडल में खास तवज्जो दिए जाने की रणनीति है। ऐसे में कई दिग्गज नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी तय मानी जा रही है।  

नये मंत्रीमंडल में इन नामों की चर्चा

गुजरात के नए मंत्रीमंडल के संभावित मंत्रियों में जो नाम सामने आ रहे हैं वो गोविंद पटेल, देवा भाई मालम, हर्ष शांगवी, शाशिकान्त पटेल,आत्माराम परमा, नीमा बेन आचार्य, दुष्यंत पटेल, कृति शाइनी राणा, मोहन धोड़िया, राकेश शाह, और ऋषिकेश पटेल हैं।

सोमवार को भूपेंद्र पटेल ने शपथ ली थी

बता दें कि भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। उन्हें राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलायी थी। विजय रूपाणी ने हाई कमान के आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। 

 भूपेंद्र पटेल बनें नितिन पटेल की मुसीबत

बता दें कि जिस तरह से सीएम भूपेंद्र पटेल के कैबिनेट विस्तार से पहले पार्टी में अंदरूनी कलह की बात सामने आ रही है। उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा कि पार्टी में जबरदस्त खींचतान चल रही है। अब भूपेंद्र पटेल कैबिनेट में नितिन पटेल को एडजस्ट करना चुनौती सा बन गया है। क्योंकि भूपेंद्र पटेल और नितिन पटेल एक ही बिरादरी से आते हैं। ऐसे में सीएम और उपमुख्यमंत्री दोनों ही पद पर एक ही समाज को देने की संभावना कम है। 
 

खबरें और भी हैं...