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वैश्विक स्तर पर कम हुई भारतीय संस्थानों की रैंकिंग

June 11th, 2020 10:26 IST
वैश्विक स्तर पर कम हुई भारतीय संस्थानों की रैंकिंग

हाईलाइट

  • वैश्विक स्तर पर कम हुई भारतीय संस्थानों की रैंकिंग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी रैंकिंग लिस्ट-2021 में वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्थानों की रैंकिंग गिर गई है। आईआईटी बॉम्बे को 172 वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 152वें स्थान पर था। आईआईटी बॉम्बे 2020 की तुलना में 20 पायदान नीचे आ गया है। आईआईटी बॉम्बे भले ही क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी रैंकिंग लिस्ट में वैश्विक स्तर पर 20 पायदान नीचे खिसक गया है, लेकिन भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में आईआईटी बॉम्बे सर्वश्रेष्ठ आया है।

आईआईएससी बेंगलुरु को 185 वां और आईआईटी दिल्ली को 193वां स्थान प्राप्त हुआ है। 21 भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों को शीर्ष 1000 शिक्षा संस्थानों में शामिल किया गया है। क्यूएस वल्र्ड रैंकिंग 2021 में दुनिया के टॉप 500 उच्च शिक्षा संस्थानों में से भारत से सिर्फ आठ संस्थानों को जगह मिली है। आईआईटी मद्रास को वैश्विक स्तर पर 275वां स्थान, आईआईटी खड़गपुर को 314वां स्थान, आईआईटी कानपुर को 350वां स्थान, आईआईटी रूड़की को 383वां स्थान और आईआईटी गुवाहाटी को 470वां स्थान प्राप्त हुआ है।

भारतीय शिक्षाविद् केवल कांडपाल ने कहा, क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग विशिष्ट तथ्यों पर आधारित है। इन तथ्यों में उच्च शिक्षण संस्थानों का अकादमिक रेपुटेशन, एम्प्लायर रेपुटेशन, साइटेशन पर फैकल्टी, फैकल्टी- स्टूडेंट्स अनुपात, इंटरनेशनल फैकल्टी अनुपात और इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अनुपात शामिल है। शिक्षाविद् केवल कांडपाल ने कहा, इन तथ्यों के आधार पर अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के मुकाबले पिछड़ने पर अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग कम हो जाती है।

इस साल क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के लिए कुल 1029 यूनिवर्सिटीज की लिस्ट तैयार हुई। इसमें अमेरिका के मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने लगातार 9वें वर्ष प्रथम स्थान हासिल किया है। अमेरिका की ही स्टैनफर्ड, हावर्ड और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी को दूसरा, तीसरा और चौथा स्थान मिला है। विश्व रैंकिंग में पांचवां स्थान पर यूके की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को मिला है।

 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।