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बिहार-नेपाल सीमा पर तनाव जैसी कोई बात नहीं : एसएसबी

June 13th, 2020 15:00 IST
 बिहार-नेपाल सीमा पर तनाव जैसी कोई बात नहीं : एसएसबी

हाईलाइट

  • बिहार-नेपाल सीमा पर तनाव जैसी कोई बात नहीं : एसएसबी

पटना, 13 जून (आईएएनएस)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने शुक्रवार को सीतामढ़ी की घटना को स्थनीय विवाद मानते हुए कहा कि बिहार-नेपाल सीमा पर कोई तनाव नहीं है। एसएसबी का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी भी तरह के दबाव की बात नहीं है।

एसएसबी पटना फ्रंटियर के आईजी संजय कुमार ने शनिवार को आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि नेपाल से सटी बिहार सीमा पर किसी तरह का तनाव नहीं है। उन्होंने सीतामढ़ी की शुक्रवार को घटना को स्थानीय विवाद मानते हुए कहा, स्थानीय प्रशासन इसकी जांच कर रही है। एसएसबी और नेपाल पुलिस के सासथ ऐसे भी कभी कोई विवाद नहीं हुआ है।

कुमार ने स्पष्ट कहा कि बिहार के लोगों का नेपाल से संबंध बेटी-रोटी का रहा है। लोग आमतौर पर रोज नेपाल आजे-आते हैं। ऐसे में कई मौकों पर झगड़ा हो जाता है, जिसे बाद में सुलझा लिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें तनाव वाली कहीं कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि नेपाल पुलिस जिस व्यक्ति को शुक्रवार को उठाकर ले गई थी, उसे भी शनिवार को छोड़ दिया है।

आईजी संजय कुमार ने कहा, बिहार और नेपाल की सीमा खुली हुई है और एसएसबी की 94 चौकी हैं। प्रत्येक चौकी पर कम से कम एक प्लाटून फोर्स तैनात किया जाता है और एक प्लाटून में कम से कम 20 से 25 फोर्स होती हैं। जहां कंपनी होती है वहां ज्यादा फोर्स भी होती है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान सीमा पर गश्त तेज कर दी गई थी और लोगों की आवाजाही पर कुछ पाबंदी लगाई गई थी। वे कहते हैं लॉकडाउन के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।