दैनिक भास्कर हिंदी: NRC पर हंगामे के बाद राज्यसभा स्थगित, गुलाम नबी बोले- नागरिकों को देश से बाहर नहीं किया जा सकता

July 31st, 2018

हाईलाइट

  • ममता बनर्जी का आरोप, भाजपा ने ऐसे लोगों को लिस्ट में शामिल नहीं किया, जिनसे उन्हें वोट नहीं मिलते।
  • राहुल गांधी ने कहा, जिनके साथ अन्याय हुआ है, कांग्रेस नेता उनकी मदद करें।
  • जो 40 लाख लोग छूट गए हैं, वो दस्तावेज लेकर एनआरसी जा सकेंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम में नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन (NRC) की दूसरी ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद संसद में हंगामा जारी है। कार्रवाई शुरू होने से पहले टीएमसी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने NRC के विरोध में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। लोक सभा में टीएमसी सांसद सौगत रॉय और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने असम एनआरसी ड्राफ्ट पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। सदन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रोंहिग्या मुसलमानों की घुसपैठ रोकने के लिए बॉर्डर पर बीएसएफ और असम राइफल्स को तैनात किया गया है। राजनाथ ने कहा राज्य सरकार को नोटिस भेजकर कहा गया है  कि जो रोहिंग्या देश में दाखिल हो चुके हैं, उन पर निगरानी रखें और उन्हें फैलने न दें। राज्य सरकार भी उन्हें वापस भेज सकती है। असम एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट सोमवार को जारी किया गया था, जिसमें 40 लाख से ज्यादा लोगों को भारत का नागरिक नहीं माना गया है।

 


 

 

02 : 00 PM - केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और कांग्रेसी सांसद प्रदीप भट्टाचार्य में सदन के बाहर असम मुद्दे को लेकर नोकझोंक हो गई है। चौबे ने कहा कि देश में अवैध नागरिकों को रहने का हक नहीं है। भट्टाचार्य ने सदन को मिसलीड करने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं में काफी देर बहस होती रही। 

 

 

01 : 20 PM - अमित शाह के बयान पर हंगामे  के बाद राज्यसभा बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

 

01 : 00 PM - अमित शाह के बयान पर राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया है। विपक्षी सांसद वेल में आकर विरोध कर रहे हैं।

 

12 : 55 PM - राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस में NRC लागू करने की हिम्मत नहीं थी। हमने इस पर अमल किया। 1985 में राजीव गांधी ने असम समझौता किया था। असम समझौते में NRC भी था।

 

12 : 29 PM - राज्यसभा में कांग्रेस सांसद गुलाब नबी आजाद ने कहा कि भारतीय नागरिकों को देश से बाहर नहीं किया जा सकता है। NRC का राजनीतिकरण और वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। यह हिंदू-मुस्लिम का नहीं मानवाधिकार का मसला है।

 

12 : 01 PM - समाजवादी पार्टी से सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि NRC से असम के एक सांसद का नाम भी हटा दिया गया था। भारत का कोई भी नागरिक किसी भी राज्य में रह सकता है।

 

11 : 30 AM - जवाब में गृह राज्य मंत्री किरेन रिजूजू ने कहा कि यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत दुनिया में इकलौता ऐसा देश है, जिसने शरणार्थियों के लिए नरम दृष्टिकोण अपनाया है। हम म्यांमार से भी कह चुके हैं कि अगर रोहिंग्या यहां से वापस जाते हैं तो हम उन्हें सुविधआएं मुहैया कराएंगे।

 

11 : 30 AM - टीएमसी सांसद सुगाता बोस ने कहा कि विदेश मंत्रालय बांग्लादेश में रोहिंग्याओं के लिए 'अॉपरेशन इंसानियत' चला रहा है, भारत में 40 हजार रोहिंग्या हैं। क्या हम सिर्फ बांग्लादेश में ही रोहिंग्याओं के लिए इंसानियत दिखाते रहेंगे।

 

11 : 10 AM - NRC पर गांधी प्रतिमा के सामने समाजवीदी पार्टी, आम आदमी पार्टी और टीएमसी सांसदों ने किया प्रदर्शन।

 

 

 

10 : 35 AM - टीएमसी कार्यकर्ताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

 

 

10 : 30 AM -  आंध्र को विशेष राज्य देने की मांग पर टीडीपी सांसदों का प्रदर्शन

 

 

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने ऐसे लोगों को लिस्ट में शामिल नहीं किया, जिनसे उन्हें वोट नहीं मिलते। ममता ने कहा कि लिस्ट में कई बंगालियों के नाम नहीं हैं। तीन दिन के दौरे पर दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी मंगलवार को राजनाथ सिंह और सोनिया गांधी से मिलेंगी। ममता यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी से भी मुलाकात करेंगी। वहीं, पश्चिम बंगाल में भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि अगर राज्य में उनकी सरकार आती है तो वो पश्चिम बंगाल में भी NRC लागू करवाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, 'जिनके साथ अन्याय हुआ है, कांग्रेस नेता उनकी मदद करें', राहुल ने कहा कांग्रेस के लिए जाति, लिंग या धर्म मायने नहीं रखता है।

 

 

 

 

पहली लिस्ट के कई नाम हटाए
NRC की दूसरी लिस्ट में 3 करोड़ 29 लाख आवेदनों में से 2 करोड़ 89 लाख लोगों को नागरिकता के लायक समझा गया है। 40 लाख लोगों के नाम लिस्ट से बाहर रखे गए हैं। एनआरसी की पहली लिस्ट 1 जनवरी को जारी की गई थी, जिसमें 1.9 करोड़ नाम थे। ऐसे कई नामों को हटा दिया गया है, जो पहली लिस्ट में शामिल थे।

 


क्या कर सकते हैं 40 लाख लोग?
केंद्र सरकार के मुताबिक ये अंतिम लिस्ट नहीं है। ये सिर्फ ड्राफ्ट है। अभी भी दावे और शिकायत का मौका दिया जाएगा। मतलब जो 40 लाख लोग छूट गए हैं, वो दस्तावेज लेकर एनआरसी जा सकेंगे। अंतिम लिस्ट जारी होने के बाद भी बचने वाले लोगों के पास फऑरेन ट्रिब्यून जाने का मौका रहेगा।