दैनिक भास्कर हिंदी: NRC में जिनके नाम नहीं, वो भी डाल सकेंगे वोट: चुनाव आयोग

August 1st, 2018

हाईलाइट

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने स्पष्ट किया, जिनके पास वोटर आईडी कार्ड उन्हें वोट डालने से नहीं रोका जाएगा।
  • रावत ने कहा कि चुनाव आयोग NRC की अंतिम सूची का इंतजार किए बिना जनवरी में लिस्ट जारी करेगा।
  • चुनाव पंजीकरण अधिकारी के सामने साबित करना होगा कि वह जनवरी 2019 तक 18 साल का हो गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम में रहने वाले जिन नागरिकों के नाम नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) में नहीं हैं। वो लोग भी वोट डाल सकेंगे। बशर्ते उनके पास वोटर आईडी कार्ड हो और उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जिनका नाम NRC लिस्ट में नहीं है, उन्हें वोट डालने से नहीं रोका जाएगा। रावत ने एक अखबार से कहा कि चुनाव आयोग NRC की अंतिम सूची का इंतजार किए बिना जनवरी में लिस्ट जारी करेगा। जिन लोगों का NRC में नाम नहीं है, लेकिन वोटर लिस्ट में है। ऐसे व्यक्ति को चुनाव पंजीकरण अधिकारी के सामने साबित करना होगा कि वह जनवरी 2019 तक 18 साल का हो गया है। जिस विधानसभा में मतदान करना चाहता है, वहां का रहवासी है और सबसे जरूरी बात भारत का नागरिक है। 

 


चार कैटेगरी में बटे हुए हैं 40 लाख लोग
रजिस्ट्रार ऑफिस के मुताबिक सिटीजन रजिस्टर में चार कैटेगरी के लोगों को शामिल नहीं किया है। इनमें पहली कैटेगरी संदिग्ध वोटर, दूसरी कैटेगरी संदिग्ध वोटरों के परिवार के लोग, तीसरी कैटेगरी फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में जिनके मामले लंबित हैं और चौथी कैटेगरी जिनके मामले लंबित हैं, उनके बच्चों की है। इनमें सबसे खराब कैटेगरी संदिग्ध वोटरों की रखी गई है। 1997 में चुनाव आयोग ने यह कैटेगरी शुरू की थी। ऐसे 1.30 लाख मामले फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में लंबित हैं और 1.25 लाख संदिग्ध वोटर असम में हैं।


इनके नाम हैं NRC में
एनआरसी में उन लोगों के नाम हैं, जिनका नाम 1951 में या 24 मार्च 1971 तक किसी भी चुनाव में था। अब मौजूदा एनआरसी में उनके आश्रितों को शामिल किया जाना है। इसके अलावा जिन लोगों ने 1 जनवरी 1966 के बाद असम आने पर भी 25 मार्च 1971 से पहले खुद को केंद्र के नियमों के मुताबिक रजिस्टर करा लिया था। ऐसे लोगों को भी एनआरसी में शामिल किया गया है। जिन्हें सक्षम प्राधिकारी ने विदेशियों के रूप में घोषित कर दिया था उन्हें लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।