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Monsoon Session: सर्वदलीय बैठक में विधेयकों पर हुई चर्चा, आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर देंगे बयान

September 17th, 2020 01:08 IST
Monsoon Session: सर्वदलीय बैठक में विधेयकों पर हुई चर्चा, आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर देंगे बयान

हाईलाइट

  • रक्षा मंत्री वास्तविक नियंत्रण रेखा गतिरोध पर दोपहर 12 बजे बयान देंगे
  • लोकसभा में चीन के मुद्दे पर संबोधित कर चुके हैं रक्षा मंत्री

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद में सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से बुधवार शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इसमें संसद सत्र के सुचारु संचालन और विधेयकों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को 12 बजे राज्यसभा में भारत-चीन सीमा तनाव पर बयान देंगे। इसके बाद राजनाथ सिंह जरूरत पड़ने पर स्पष्टीकरण दे सकते हैं। 

एक सरकारी सूत्र ने कहा कि रक्षा मंत्री वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) गतिरोध पर दोपहर 12 बजे बयान देंगे। उसके बाद विपक्ष के नेता मुद्दे पर बोलेंगे। जरूरत हुई तो उसके बाद मंत्री स्पष्टीकरण दे सकते हैं।

लोकसभा में चीन के मुद्दे पर संबोधित कर चुके हैं रक्षा मंत्री
इससे पहले सिंह ने लोकसभा में चीन के मुद्दे पर लोकसभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति बदलने के चीन के प्रयासों को हर बार विफल किया है। अटकलें लगाई जा रही थीं कि बुधवार की सर्वदलीय बैठक में चीन के मुद्दे पर कुछ चर्चा हो सकती है, मगर इस बारे में इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।

राजनाथ ने बताई थी मौजूदा स्थिति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा था कि मौजूदा स्थिति के अनुसार चीनी सेना ने एलएसी के अंदर बड़ी संख्या में जवानों और हथियारों को तैनात किया है। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में गोगरा, कोंगका ला और पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी तट सहित क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव के कई बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने भी जवाबी तैनाती की हैं, ताकि देश के सुरक्षा हितों का पूरी तरह ध्यान रखा जाए। हमारे सशस्त्र बल इस चुनौती का डटकर सामना करेंगे। हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है।

15 जून को हुई थी गलवान में झड़प
गलवान घाटी में 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 सैन्य कर्मियों के शहीद होने के बाद पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ गया। पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात भारतीय भूभाग पर कब्जा करने की चीन की नाकाम कोशिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई। भारत ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर कई पर्वत चोटियों पर तैनाती की और किसी भी चीनी गतिविधि को नाकाम करने के लिये क्षेत्र में फिंगर 2 तथा फिंगर 3 इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।

भारत-चीन सीमा पर पिछले 20 दिन में 3 बार गोलियां चलीं
लद्दाख में भारत-चीन के बीच मई से तनाव बना हुआ है। 15 जून को गलवान में दोनों देशों की झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए, लेकिन उसने कबूला नहीं। ताजा विवाद 29-30 अगस्त की रात से शुरू हुआ, जब चीन ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों नाकाम कर दी। बीते 20 दिन में दोनों तरफ से 3 बार हवा में गोलियां चल चुकी हैं।

  • पहली बार: 29-31 अगस्त के बीच पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर पर।
  • दूसरी बार: 7 सितंबर को मुखपारी हाइट्स इलाके में।
  • तीसरी बार: 8 सितंबर को पैंगॉन्ग झील के उत्तरी छोर पर।

चीन के मुद्दों पर नहीं थी बैठक
बैठक के समापन के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह बैठक चीन के मुद्दे पर नहीं थी। इस दौरान विधेयकों पर चर्चा की गई और हमने सरकार से जांच (स्क्रूटनी) के लिए कुछ विधेयक भेजने पर सहमति के लिए कहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सिंह ने लोकसभा के उप-नेता के तौर पर सर्वदलीय बैठक में भाग लिया।

अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
इस बीच, विपक्ष ने यह भी माना है कि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था पर चर्चा के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाना चाहिए। सिंह के अलावा सत्तापक्ष से रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बैठक में उपस्थित थे। सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत और विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधर भी बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा कांग्रेस से आनंद शर्मा, आजाद और अन्य विपक्षी नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।

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