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आधार हेल्पलाइन नंबर विवाद: UIDAI ने कहा- अफवाहों से दूर रहें, आपका डाटा सेफ है

August 06th, 2018 15:47 IST

हाईलाइट

  • UIDAI ने उन लोगों की निंदा की जो अपने निहित हितों के लिए आधार को लेकर भ्रम फेलाने की कोशिश कर रहे थे।
  • UIDAI ने कहा कि आधार का विरोध करने वाले गूगल से हुई गलती का इस्तेमाल आधार के खिलाफ डर फैलाने के लिए कर रहे हैं।
  • कुछ लोगों के निहित हितों के लिए फैलाई जा रही ऐसी अफवाहों से लोगों को दूर रहना चाहिए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने मोबाइल फोन्स में आए अपने हेल्पलाइन नम्बर को लेकर बयान जारी किया है। इस बयान में UIDAI ने कहा है कि महज कुछ मोबाइलों में आधार के लिए हेल्पलाइन नम्बर आ जाने से नागरिकों के डाटा को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। UIDAI ने यह भी कहा है कि अपने निहित हितों के लिए कुछ लोग आधार को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अफवाहों से दूर रहें, आपका डेटा सेफ है। गौरतलब है कि गूगल की चूक की वजह से कुछ एंड्रॉयड मोबाइल में UIDAI का हेल्पलाइन नंबर दिखाई दे रहा था, जिसके बाद ऐंड्रॉयड फोन के अनाधिकृत ऐक्सेस को लेकर UIDAI पर सवाल खड़े हो रहे थे।

UIDAI की तरफ से कहा गया, "यह पूरी तरह से झूठा प्रचार है। आधार का विरोध करने वाले गूगल से हुई गलती का इस्तेमाल आधार के खिलाफ डर फैलाने के लिए कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से समझा जाना चाहिए कि सिर्फ एक हेल्पलाइन नंबर (जो कि पुराना और इनवेलिड भी है) के मोबाइल की कॉन्टेक्ट लिस्ट में आ जाने से नुकसान नहीं पुहंचाया जा सकता। UIDAI ने ये भी कहा कि आधार का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है। कुछ लोगों के निहित हितों के लिए फैलाई जा रही ऐसी अफवाहों से लोगों को दूर रहना चाहिए।"

बता दें कि इन अफवाहों की शुरुआत तब हुई थी जब खुद को एक फ्रेंच सिक्यॉरिटी रिसर्चर बताने वाले एलियट ऐल्डरसन ने ट्विटर पर लिखा था, ''कई लोग जो अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटर की सिम इस्तेमाल करते हैं। इसमें कुछ लोगों के पास आधार है और कुछ के पास नहीं। उनके मोबाइल में बिना किसी जानकारी के यूआईडीएआई के नाम से एक नंबर सेव बता रहा है, कैसे?'' इस ट्वीट के बाद बहुत से लोगों ने अपने एड्रेस बुक का स्क्रीनशॉट शेयर करना शुरू कर दिया था।

इस मामले के सामने आने के बाद ट्विटर पर UIDAI की तरफ से कहा गया था उसने किसी भी टेलीकॉम कंपनी को अपना हेल्पलाइन नंबर यूजर्स के कॉन्टैक्ट लिस्ट में फीड करने को नहीं कहा है। फोन में जो नंबर सेव हुआ है वह 1800-300-1947 है। यह हेल्पलाइन नंबर पुराना है और इनवैलिड भी। UIDAI का नया टोल फ्री नंबर 1947 है। UIDAI ने कहा था कि यह लोगों के बीच असमंजस पैदा करने के लिए किया गया काम है।

वहीं गूगल की तरफ से बयान जारी कर बताया गया है कि उसकी चूक की वजह से एंड्रॉयड मोबाइल में UIDAI का हेल्पलाइन नंबर दिखाई दे रहा था। गूगल प्रवक्ता ने कहा था कि हेल्पलाइन नंबर 1800-300-1947 और आपदा हेल्पलाइन नंबर 112 अनजाने में ऐंड्रॉयड के सेटअप विजार्ड में कोड कर दिया गया था और भारत के फोन निर्माता कंपनियों (OEMs) के लिए इसे जारी कर दिया गया था। तब से यह मोबाइल फोन यूजर्स के कॉन्टैक्ट लिस्ट में हैं। गूगल ने कहा था कि यह ऐंड्रॉयड फोन के अनाधिकृत ऐक्सेस का मामला नहीं है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।