दैनिक भास्कर हिंदी: बनारस: फ्लाईओवर गिरने से 18 की मौत, कई दबे, 4 अधिकारी सस्पेंड

May 16th, 2018

डिजिटल डेस्क, बनारस। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के बीचों-बीच निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई। हादसा कैंट रेलवे स्टेशन के पास हुआ। घटना की सूचना मिलते ही NDRF की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य किया। प्राथमिक जांच के आधार पर चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सुदन, असिस्टेंट इंजीनियर राजेश सिंह और इंजीनियर लालचंद को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
 

 

 


हादसे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उन्होंने मरने वालों के परिजनों को 5 लाख मुआवजा और हादसे में घायल हुए लोगों को 2 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा है कि हादसे में पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। इस हादसे की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। योगी ने कहा, 'इस हादसे पर जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जो 48 घंटे के अंदर जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर पांच NDRF की टीमों के 250 जवान राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

 

 

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक फ्लाईओवर का एक स्लैब नीचे खड़े वाहनों पर गिर पड़ा। स्लैब गिरते ही वाहनों के परखच्चे उड़ गए और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने यह भी बताया कि घटना के एक घंटे तक प्रशासन की ओर से कोई भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।
 

 

हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख

 

अपने संसदीय क्षेत्र में हुए इस भयावह हादसे पर प्रधानमंत्री ने दुख जाहिर किया।

 

 

 

 

 

 

 

अखिलेश बोले - ये हादसा है या भ्रष्टाचार का परिणाम ?

 

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि ''वाराणसी में पुल के हादसे में लोगों को बचाने के लिए मैं वहाँ के अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि वे बचाव दल के साथ पूरा सहयोग करें और सरकार से ये अपेक्षा करता हूँ कि वो केवल मुआवज़ा देकर अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं भागेगी बल्कि पूरी ईमानदारी से जाँच करवाएगी। अखिलेश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ''ये है देश की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले संसदीय क्षेत्र में विकास की सच्चाई। ये हाल तब है जबकि प्रदेशीय मंत्री यहां लगातार तथाकथित निरीक्षण करने आते रहे हैं। ये हादसा एक एक्सिडेंट है या भ्रष्टाचार का परिणाम, आज प्रदेश की सरकार को ये जवाब वाराणसी की जनता को देना ही होगा।''