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स्वास्थ्य मंत्रालय: कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही, रिकवरी रेट 25.37% हुआ

स्वास्थ्य मंत्रालय: कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही, रिकवरी रेट 25.37% हुआ

हाईलाइट

  • देश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 25.37 हुआ

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया, देश में कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही है। कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 25.37% हो गया है। वहीं लॉकडाउन में फंसे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। प्रेस वार्ता में सरकार की ओर से बताया गया, देश में एआरटी-पीसीआर टेस्ट किट, ऑक्सीजन सिलेंडर, पीपीई मैटेरियल और वेंटिलेटर जैसे चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त आपूर्ति व उपलब्धता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी कहा कि, देश के जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। जहां भी रेड जोन आए हैं वहां कोरोना वायरस के ट्रांसमिशन की चेन को ब्रेक किया जाए।

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प्रेस ब्रीफिंग में गृह मंत्रालय ने बताया, दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों को निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन को सरकार ने अनुमति दी है। इसके लिए रेलवे बोर्ड व्यवस्था करेगा। ये भी बताया गया कि, राज्य सरकारों ने 62 लाख टन गेहूं और चावल भारतीय खाद्य निगम से लिया है। सिविल एविएशन मंत्रालय 416 लाइफ लाइन विमानों के जरिए राशन दूर दराज के स्थानों तक पहुंचा रहा है। 

एम्पावर्ड ग्रुप-3 के चेयरमैन पीडी वाघेला ने बताया, देश में 2.01 करोड़ पीपीई किट्स की जरूरत बताई गई है। 2.22 लाख किट्स का ऑर्डर दिया जा चुका है, जिसमें से 1.42 करोड़ किट देश के अंदर ही बनेंगी। देश में हर दिन 1.87 लाख पीपीई किट बन रही हैं। उन्होंने कहा, थोड़े समय में भारत ने एन-95 मास्क के घरेलू उत्पादन के लिए प्रति दिन 2.3 लाख की क्षमता बढ़ाई है।

वाघेला ने ये भी बताया कि, 35 लाख आरटी-पीसीआर किट्स की मांग है, ICMR ने 21.35 लाख किट्स का ऑर्डर किया है और 13.75 किट्स मिल गई हैं। उन्होंने कहा, 75,000 वेंटिलेटर की कुल मांग के मुकाबले कम से कम 19,398 उपलब्ध हैं और अतिरिक्त 60,884 का आदेश दिया गया है। इसमें से 59,884 के ऑर्डर भारतीय निर्माताओं को दिए गए हैं। वाघेला ने कहा, 4 लाख से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं जो आज की आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त हैं। 1 लाख से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए ऑर्डर दिए गए हैं।

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