दैनिक भास्कर हिंदी: केन्द्रीय मंत्री बोले- 'टीपू सुल्तान बलात्कारी और हत्यारा, जयंती पर मुझे न बुलाएं'

October 22nd, 2017

डिजिटल डेस्क, बेंगलूरू। अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने एक बार फिर से ऐसा बयान दे दिया है, जिसके बाद सियासी घमासान शुरू हो गया है। दरअसल, मंत्री अनंत कुमार ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि 'बर्बर हत्यारे, कट्टरपंथी  मुस्लिम शासक के महिमामंडन कार्यक्रम में मुझे न बुलाया जाए। उनके इस ट्वीट के बाद ही कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया ने इसकी कड़ी आलोचना की है। बता दें कि मंत्री कुमार ने कर्नाटक के मुख्य सचिव और उत्तरी कन्नडा के उपायुक्त को पत्र लिखकर भी 10 नवंबर को आयोजित होने वाली टीपू सुल्तान की जयंती कार्यक्रम में अपना नाम शामिल नहीं करने को कहा है। यह कार्यक्रम कर्नाटक सरकार के द्वारा टीपू सुल्तान की जयंती 10 नवंबर पर होने वाला है। 

कर्नाटक के सीएम ने जताई आपत्ति

हेगड़े उत्तरी कन्नडा से ही भाजपा के सांसद हैं। वहीं हेगड़े का समर्थन करने हुए कर्नाटक से ही भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने टीपू सुल्तान को कन्नड़ विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि टीपू हिन्दू विरोधी था, इसलिए उसकी जयंती नहीं मनाई जानी चाहिए। वहीं सीएम सिद्दारमैया ने कहा कि इसे बेवजह राजिनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। टीपू सुल्तान ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चार युद्ध लड़े थे। मंत्री अनंत कुमार को इस तरह का पत्र नहीं लिखना चाहिए। टीपू जयंती कार्यक्रम का आमंत्रण सभी केंद्रीय और राज्य के नेताओं को भेजा जाता है। किसी का आना या आना उसकी अपनी इच्छा पर निर्भर करता है।


बता दें कि टीपू सुल्तान 18वीं सदी में मैसूर साम्राज्य का शासक था। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 2015 में उसकी जयंती मनाने का फैसला किया था। जिसके बाद मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति बताते हुए आरएसएस और विहिप शुरुआत से ही इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस आयोजन के विरोध में हर साल पूरे प्रदेश में प्रदर्शन भी होते हैं। गौरतलब है कि कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इससे पहले भी एक बार डॉक्टर की पिटाई मामले में अनंत कुमार हेगड़े सुर्खियों में आए थे। 


टीपू पर होती रही है राजनीति

टीपू सुल्तान को लेकर हमेशा ही राजनीति का जाती रही है। कांग्रेस सरकार तो उन्हें मैसूर के शेर के रूप में देखती रही है। सरकार का मत है कि टीपू तकनीक के मामले में काफी सुदृढ़ था। वह पहले मिसाइल मैन के रूप में जाना जाता है। उसने कर्नाटक को तकनीकि रूप से काफी सुदृढ़ किया। वहीं, टीपू के आलोचकों का कहना है कि टीपू हिंदू विरोधी था, क्योंकि उसने अपनी राजधानी श्रीरंगपट्टनम और कोडागू में हिंदू पुजारियों की हत्या करवाई थी।