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चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा गिरफ्तार, रंगदारी मांगने का आरोप

चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा गिरफ्तार, रंगदारी मांगने का आरोप

हाईलाइट

  • पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को एसआईटी ने किया गिरफ्तार
  • पीड़ित छात्रा पर चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने का आरोप

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में कानून की 23 वर्षीय छात्रा को एसआईटी ने घर से गिरफ्तार किया। चिन्मयानंद से उगाही करने का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद छात्रा और उसके तीन साथियों पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।

इससे पहले चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में मंगलवार को SIT ने पीड़िता के दोस्त विक्रम और सचिन को रिमांड पर लिया था। दोस्तों के रिमांड पर लिए जाने के बाद पीड़िता की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी।

गौरतलब है कि, छात्रा ने जिला जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी। सोमवार देर रात प्रयागराज से शाहजहांपुर स्थित घर लौटने के बाद छात्रा के वकील ने मंगलवार को जिला सत्र न्यायालय में उसकी जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर कई घंटों तक सुनवाई चली। मंगलवार को अदालत की सुनवाई पूरी न होने के कारण छात्रा की गिरफ्तारी टल गई थी। छात्रा को एडीजे (प्रथम) की अदालत में पेश किया गया था। इससे पहले, छात्रा गिरफ्तारी से बचने के लिए रविवार शाम अपने पिता व भाई के साथ प्रयागराज चली गई थी।

छात्रा की ओर से गिरफ्तारी पर रोक को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में अर्जी दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार करते हुए उचित अदालत में अपील करने को कहा था। सोमवार देर रात छात्रा पिता के साथ प्रयागराज से वापस घर पहुंची। मंगलवार को पूर्वाह्न् करीब 11 बजे छात्रा के वकील अनूप त्रिवेदी व अनीत त्रिवेदी की ओर से छात्रा की अग्रिम जमानत के लिए जिला जज की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया गया। उनकी अनुपस्थिति में प्रभारी जिला जज एडीजे (प्रथम) सुधीर कुमार की अदालत में प्रार्थनापत्र पेश किया गया।

छात्रा के अधिवक्ताओं ने इस मामले में एसआईटी से केस डायरी तथा अन्य साक्ष्यों की मांग की। दोनों पक्षों के वकीलों में करीब आधा घंटा तक बहस हुई। एडीजे सुधीर कुमार ने 26 सितंबर को इस मामले में सुनवाई की तारीख नियत की है। साथ ही एसआईटी को संबंधित साक्ष्य पेश करने का आदेश दिया।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।