comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अमेरिकी रक्षा कंपनियां आसान एफडीआई नियमों का लाभ उठाएं : राजनाथ

October 27th, 2020 20:30 IST
 अमेरिकी रक्षा कंपनियां आसान एफडीआई नियमों का लाभ उठाएं : राजनाथ

हाईलाइट

  • अमेरिकी रक्षा कंपनियां आसान एफडीआई नियमों का लाभ उठाएं : राजनाथ

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अमेरिकी रक्षा कंपनियों से इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में ढील का लाभ उठाने का आह्वान किया।

भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता के बाद, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य से सैन्य सहयोग से अच्छी प्रगति कर रहा है।

उन्होंने कहा, दो दिनों की बैठक में, हमने संभावित क्षमता निर्माण और तीसरे देशों में हमारे पड़ोस और उससे परे की अन्य संयुक्त सहयोग गतिविधियों का पता लगाया।

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति का आकलन साझा किया है।

उन्होंने कहा, उस प्रक्रिया में, हमने इस क्षेत्र में सभी देशों की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के बारे में, अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर ने कहा कि भारत-अमेरिका खासकर चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए एक मुक्त इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर भारत-अमेरिका साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

आगामी नौसेना अभ्यास के बारे में, राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों ने आगामी मालाबार अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने का स्वागत किया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के साथ बेका (बीईसीए) पर हस्ताक्षर को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि इससे सूचना साझाकरण में नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि हम अमेरिका के साथ आगे के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।

अमेरिका और भारत की टू प्लस टू वार्ता ऐसे समय पर हुई है, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत एवं चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं और दोनों देशों के बीच 1962 के बाद सबसे गंभीर सैन्य तनाव व्याप्त है। इसी वजह से यह वार्ता काफी अहम मानी जा रही है।

एकेके/एसजीके

कमेंट करें
VwvhD
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।