comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

चीन को झटका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बात की, जी-7 समिट में शामिल होने का न्योता दिया

चीन को झटका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बात की, जी-7 समिट में शामिल होने का न्योता दिया

हाईलाइट

  • पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को जी-7 में शामिल करने की भी इच्छा जताई
  • कोरोना वायरस, WHO, G-7 को लेकर हुई बात

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/वाशिंगटन। लद्दाख में भारत और चीन सीमा पर विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है। उन्होंने पीएम मोदी को जी-7 समिट में शामिल होने का न्योता दिया है। यही नहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को जी-7 में शामिल करने की भी इच्छा जताई है। जानकारी अनुसार दोनों नेताओं के बीच कोरोना महामारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में सुधार और जी-7 को लेकर बात हुई है। इसके अलावा ट्रंप ने भारत-चीन सीमा विवाद सहित कई मुद्दों पर बात की। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग पर आपसी सहयोग पर दोनों नेताओं के बीच बात हुई। कुछ दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता को लेकर प्रस्ताव रखने की बात भी ट्वीट की थी, जिसको भारत और चीन दोनों ने सिरे से नकार दिया था।

अमेरिका में हिंसा को लेकर पीएम मोदी ने चिंता व्यक्त की
जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से बातचीत के दौरान कहा कि कोरोना के बाद के समय में इस तरह के मजबूत संगठन (जी-7) की जरूरत है। पीएम ने कहा कि इस सम्मेलन की सफलता के लिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना प्रसन्नता का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की और स्थिति के जल्द ठीक होने की कामना की। बता दें कि इस समय अमेरिका में कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयर्ड नाम के अश्वेत की मौत के बाद वहां हिंसा भड़क उठी। वाइट हाउस तक हिंसा पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को बंकर में छिपाना पड़ा था।

African Nova Scotians react to U.S. demonstrations against ...

क्या है जी-7?
जी-7 सात बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों का एक समूह है। इसमें फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इटली जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। इसे ग्रुप ऑफ सेवन भी कहा जाता है। ये सभी देश आपसी हितों के मामलों पर चर्चा के लिए हर साल मिलते हैं।

What is the G7? … Its Purpose and History of Influence

विश्व स्वास्थ्य संगठन में सुधार को लेकर हुई बात
दोनों नेताओं में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में सुधार और कोरोना वायरस को लेकर भी बातचीत हुई। बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने का ऐलान किया था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि WHO पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है। WHO बदलाव की प्रक्रिया शुरू करने में नाकाम रहा और अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपना रिश्ता खत्म करेगा।

ब्ल्यूएचओ से क्यों खफा हैं डोनाल्ड ट्रम्प?
अमेरिका पहले ही डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोक चुका है। अब ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ के साथ सभी रिश्ते खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम डब्ल्यूएचओ के कोटे का फंड स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाली किसी दूसरी संस्था को देंगे। ट्रम्प ने कहा था कि डब्ल्यूएचओ पर चीन का पूरा नियंत्रण है। चीन उसे 4 करोड़ डॉलर देता है और अमेरिका एक साल में 45 करोड़ डॉलर की मदद देता है। दोनों ने हमारी मांग नहीं मानी, इसलिए हम डब्ल्यूएचओ से संबंध खत्म कर रहे हैं। 

White House Covid cases contradict Trump's message on opening ...

ट्रंप ने सोमवार को लद्दाख में संघर्ष हल नहीं निकालने पर चीन की निंदा थी
अमेरिका ने चीन द्वारा भारत के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर आक्रामकता दिखाने और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार संघर्ष का समाधान नहीं करने को लेकर चीन की निंदा की। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भारत के खिलाफ चीनी आक्रामकता के बारे में चिंता जाहिर करते हुए, विदेशी मामलों पर अमेरिकी हाउस कमेटी के अध्यक्ष इलियट एंगल ने सोमवार को कहा था कि बीजिंग एक बार फिर दिखा रहा है कि वह संघर्षों का अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार समाधान करने के बजाय अपने पड़ोसियों को धमकाने का इच्छुक है। एंगेल ने शी जिनपिंग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशों को समान नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने चीन से भारत के साथ सीमा संबंधी सवालों को हल करने के लिए मानदंडों का सम्मान करने और कूटनीति और मौजूदा तंत्र का उपयोग करने का आग्रह किया। 

Army chief General Naravane briefs Rajnath Singh on face-off with ...

लद्दाख पर भारत-चीन की सैन्य स्तरीय वार्ता का नतीजा नहीं निकला
बता दें कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा जारी है। यहां दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामने कुछ ही दूरी पर आमने-सामने खड़ी है। ऐसे में गतिरोध हल करने के लिए दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधियों के बीच वार्ता मंगलवार को बेनतीजा रही। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेजर जनरल रैंक अफसरों के बीच डिवीजन कमांडर स्तरीय वार्ता मंगलवार दोपहर को हुई, लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका है। वार्ता शुरू होने से पहले उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी भी जमीनी हालात की समीक्षा के लिए लद्दाख पहुंच गए थे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कोई खास सफलता नहीं मिली, इस वजह से दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच एक और वार्ता छह जून को होगी। भारतीय सेना प्रमुख एमएम नरवाणे को उम्मीद है कि गतिरोध का समाधान सैन्य स्तरीय वार्ता में निकल आएगा।

Chinese army now claims one entire valley in Ladakh, inducts ...

पहले भी कई बैठक बेनतीजा रहीं
इससे पहले भी भारत व चीन की सेना के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर कीा वार्ता हो चुकी है लेकिन किसी में कोई नतीजा नहीं निकला। इस बीच, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारी संख्या में सैनिक भेजे हैं। इसे देखते हुए भारत ने भी सैनिकों की संख्या बढ़ाई है। पांच मई के बाद से दोनों देशों के सैनिक एलएसी पर चार जगहों पर एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों ने इन जगहों पर करीब एक हजार सैनिक तैनात किए। बाद में अतिरिक्त कुमुक भी भेजी गई। ताजा विवाद भारत द्वारा पूर्वी लद्दाख के पांगगोंग त्सो (झील) इलाके में एक खास सड़क और गलवान घाटी में डारबुक-शायोक-दौलत बेग ओल्डी सड़क को जोड़ने वाली एक सड़क को बनाने के प्रति चीन के विरोध से पैदा हुआ है।

कमेंट करें
yAYwL
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।