दैनिक भास्कर हिंदी: प्रधानमंत्री मोदी से मिले अमेरिकी सचिव पोम्पियो, कई बड़े मुद्दे पर हुई चर्चा

June 26th, 2019

हाईलाइट

  • पीएम मोदी, एस विजयशंकर और अजीत डोभाल से मिले अमेरिकी सचिव माइक पोम्पियो
  • ईरानी तेल-रूसी मिसाइल जैसे बड़े मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो आज दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस.जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में तेल संकट, S-400 मिसाइल सिस्टम, आतंकवाद और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कुछ वैश्विक संकटों के साथ हुई। इसमें सबसे बड़ी परेशानी है अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती हुई तल्खी, जिसका असर सीधा तेल पर पड़ता है। 

अमरीकी विदेश मंत्री पोम्पियो का ये दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच 28-29 जून को जापान के ओसाका में G-20 शिखर वार्ता से पहले हो रहा है। बता दें कि इस बैठक में भारत H-1 वीज़ा पर बात कर सकता है। दरअसल इस वीजा को लेकर अमेरिका लगातार अपने नियमों में बदलाव कर रहा है, इससे भारत पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत की मांग है कि इस नियम में उसकी जरूरतों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही अमेरिका इस समय कई संकटों से जूझ रहा है, ईरान के साथ लड़ाई, चीन के साथ ट्रेड वॉर। ऐसे में भारत की मांग है कि उनकी ट्रेड वॉर का उसपर कोई असर ना पड़े और भारत को मिलने वाली रियायतों को ना रोका जाए। अमेरिका ईरान से तेल लेने पर रोक की बात कर रहा है। 

भारत लगातार वैश्विक स्तर पर सभी देशों को आतंकवाद खिलाफ एकजुट होने की बात कह चुका है। इसलिए संभावना है कि भारत इस बैठक में अमेरिका से पाकिस्तान पर सख्ती बरतने की मांग करेगा। चूंकि आतंकवाद हमेशा से ही भारत के एजेंडे में रहा है। इसके अलावा भारत रूस से 5 बिलियन अरब डॉलर की लागत से मिसाइल हमलों से रक्षा देने वाला कवच खरीद रहा है। रूस के साथ इतने भारी-भरकम सौदे से अमेरिका नाराज है। इस पर भी भारत अमेरिका से बातचीत करेगा। 

बता दें कि दोनों देशों के बीच चल रहे कुछ मसलों का हल सिर्फ इसलिए नहीं निकल सका है क्योंकि अमेरिका इस पर अड़ा हुआ है। ईरान और अमेरिका में इन दिनों ठनी हुई है। अमेरिका की चाहता है कि भारत ईरान से तेल ना खरीदे। अगर खरीदते हैं तो अमेरिका भारत पर बैन लगा सकता है। भारत रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदना चाहता है, लेकिन अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से ये हथियार ना खरीदकर अमेरिका से ही खरीदे। ट्रेड वॉर के बीच अमेरिका की मांग है कि भारत उसके प्रोडक्ट पर टैक्स की दरों में छूट दे। ताकि अमेरिकी कंपनियों को दिक्कत ना आए।