दैनिक भास्कर हिंदी: अब फैजाबाद कहलाएगा अयोध्या, सीएम योगी ने बदला नाम

November 7th, 2018

हाईलाइट

  • उर्दू के मशहूर शायर मेराज फैजाबादी के शहर फैजाबाद को अब अयोध्या के नाम से जाना जाएगा।
  • उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसला ऐलान किया।
  • इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन और इलाहबाद का भी नाम बदल दिया था।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उर्दू के मशहूर शायर मेराज फैजाबादी के शहर फैजाबाद को अब अयोध्या के नाम से जाना जाएगा। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसला ऐलान किया। दरअसल, अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली है, इसलिए साधु संत और स्थानीय लोग लंबे समय से फैजाबाद का नाम बदले जाने की मांग कर रहे थे।सीएम ने अयोध्या में मेडिकल कॉलेज का नाम राजर्षि दशरथ और एयरपोर्ट का नाम हिंदुओं के आराध्य राम के नाम पर करने की घोषणा की। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन और इलाहबाद का भी नाम बदल दिया था।

योगी आदित्यनाथ ने फैजाबाद का नाम बदलने का ऐलान करते हुए कहा, 'आज से अयोध्या के नाम से यह जनपद जाना जाएगा। यह (अयोध्या) हमारे आन, बान और शान की प्रतीक है। मुझे लगता है कि अयोध्या की पहचान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से है। अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम को दुनिया ने स्मरण किया है। अभी तो यह उदाहरण है। आज कोरिया गणराज्य आपके उत्सव में शामिल हुआ है।' सीएम योगी ने कहा, 'अयोध्या में एक नया मेडिकल कॉलेज बन रहा है। इस मेडिकल कॉलेज का नाम राजर्षि दशरथ के नाम पर होगा। यहां पर एयरपोर्ट का भी निर्माण पर हो रहा है। एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के नाम पर रखेंगे।' 

बता दें कि भाजपा सांसद विनय कटियार, विश्व हिंदू परिषद सहित कई साधु संतो ने मांग की थी कि अयोध्या जिस फैजाबाद जिले में आता है, उस जिले का ही नाम बदलकर फैजाबाद से ‘श्री अयोध्या’ रख दिया जाए। सांसद विनय कटियार ने कहा था,'जब फैजाबाद जिले के नगर निगम को अयोध्या नगर निगम कहा जाता है तो जिले का नाम बदलने में क्या समस्या है? सरकार अगर फैजाबाद जिले का नाम बदलकर श्री अयोध्या रख दे तो इस फैसले का साधु-संत भी स्वागत करेंगे।'

1730 में हुई थी फ़ैज़ाबाद की स्थापना
फ़ैज़ाबाद की स्थापना अवध के पहले नवाब सादत अली ख़ां ने 1730 में की थी और उन्होंने इसे अपनी राजधानी बनाया, लेकिन वह यहां बहुत कम समय बिता पाए। तीसरे नवाब शुजाउद्दौला यहां रहते थे और उन्होंने नदी के तट 1764 में एक दुर्ग का निर्माण करवाया था। उनका और उनकी बेगम का मक़बरा इसी शहर में स्थित है। 1775 में अवध की राजधानी को लखनऊ ले जाया गया। 19वीं शताब्दी में फ़ैज़ाबाद का पतन हो गया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मुगल सराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रख दिया था। वहीं इलाहबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज रख दिया गया था।