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57 वर्षीय महिला शिक्षक पर भड़के CM रावत, बोले- इसे गिरफ्तार कर लो

June 30th, 2018 00:19 IST

हाईलाइट

  • 57 वर्षीय महिला शिक्षिक और सीएम के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
  • उत्तरकाशी जिले में तैनात महिला शिक्षिक सीएम के सामने तबादले की फरियाद लगाते समय अचानक उग्र हो गईं।
  • महिला शिक्षिक ने सीएम के लिए सरेआम अपशब्द कहे।
  • इस पर सीएम को भी गुस्सा आ गया और उन्होंने महिला शिक्षिक को सस्पेंड करने के साथ हिरासत में लेने के आदेश भी दे डाले।

डिजिटल डेस्क, देहरादून। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंची एक 57 वर्षीय महिला शिक्षक और सीएम के बीच जमकर नोकझोंक हुई। उत्तरकाशी जिले में तैनात महिला शिक्षक उत्तरा पंत बहुगुणा सीएम के सामने तबादले की फरियाद लगाते समय अचानक उग्र हो गईं। तबादले के मामले में तत्काल कोई कार्रवाई न होने पर महिला बिफर गईं। इसके बाद सीएम रावत आपा खो बैठे और उन्होंने महिला शिक्षक को सस्पेंड करने के साथ हिरासत में लेने के आदेश भी दे डाले।
 

जानकारी के अनुसार महिला शिक्षिक वर्तमान में यहां देहरादून में रह रही हैं। उनका एक बेटा और बेटी हैं। बेटा जॉब कर रहा है। गुरुवार को सीएम रावत अपने सरकारी आवास पर जनता मिलन हॉल में लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुन रहे थे। तभी महिला शिक्षक उत्तरा ट्रांसफर की बात लेकर मुख्यमंत्री से मिलीं। महिला अपना ट्रांसफर उत्तरकाशी से देहरादून करने की मांग को लेकर सीएम से मिलने पहुंची थीं। सीएम के बर्ताव से दुखी महिला शिक्षक का दुख कुछ इस तरह सामने आया है।

महिला शिक्षक के बिफरने पर सीएम ने खोया आपा

जनता दरबार में महिला शिक्षिक ने सीएम के समक्ष अपनी बात रखी और उसके जवाब में सीएम ने भी शालीनता के साथ उसके जवाब दिए। इसी बीच अचानक महिला के तेवर उग्र हो गए और वे जोर-जोर से बोलने लगीं। इस पर मुख्यमंत्री रावत भी तैश में आ गए और चेतावनी दी कि उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद महिला ने सीएम के लिए अपशब्द बोलना शुरू कर दिया। जिस पर सीएम ने खुद पुलिस को निर्देश दिए कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। पुलिस महिला शिक्षिक को हिरासत में लेकर बाहर जाने लगी, तो वह फिर चिल्लाने लगीं और शराब कारोबार को लेकर भी अनाप-शनाप बोलीं।

सीएम के मीडिया कॉर्डिनेटर दर्शन सिंह रावत ने मामले में कहा कि सीएम ने महिला शिक्षक की बात को गौर से सुना था। इसके बाद सीएम ने महिला को स्पष्ट किया कि स्थानांतरण एक्ट लागू होने के बाद वे खुद इस मामले में कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। चूंकि, महिला शिक्षिक का जिला कैडर है, लिहाजा नियमानुसार स्थानांतरण उत्तरकाशी जिले के भीतर ही हो सकता है।

रावत ने कहा कि सीएम ने महिला को आश्वास्त किया कि फिर भी वे अपने स्तर से पूरे मामले को दिखवाएंगे और यदि संभव हुआ तो अनुकंपा के आधार पर स्थानांतरण के संबंध में प्रयास करेंगे,। लेकिन महिला शिक्षिक अचानक उग्र हो गईं। इस पर सीएम को कार्रवाई के लिए कहना पड़ा।

उत्तरा पंत बहुगुणा के परिजनों का कहना है कि वे पिछले 25 साल से उत्तरकाशी जिले के दुर्गम विद्यालय में तैनात हैं। वहीं पर उनके पति की भी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। काफी लंबे समय से आवेदन के बाद भी उनका स्थानांतरण नहीं किया गया। गुरुवार को भी सीएम के सामने अपनी समस्या रखने गईं, लेकिन सीएम उनकी समस्या नहीं समझ पाए। जिस कारण विवाद की स्थिति बनी।

गौरतलब है कि उत्तरा पंत बहुगुणा पिछली कांग्रेस सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष भी हंगामा कर चुकी हैं। करीब 57 वर्षीय उत्तरा पंत बहुगुणा, मधुरिमा तुली की मां और पर्वतारोही विजया पंत तुली की छोटी बहन हैं।

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