comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मेवात में दलितों के उत्पीड़न पर खट्टर सरकार से नाराज हुआ विश्व हिंदू परिषद (एक्सक्लूसिव)

June 12th, 2020 18:01 IST
 मेवात में दलितों के उत्पीड़न पर खट्टर सरकार से नाराज हुआ विश्व हिंदू परिषद (एक्सक्लूसिव)

हाईलाइट

  • मेवात में दलितों के उत्पीड़न पर खट्टर सरकार से नाराज हुआ विश्व हिंदू परिषद (एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के मेवात में दलित उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर सख्त रवैया अख्तियार न करने को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने खट्टर सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है। विहिप कैंप में यह चर्चा है कि इस मसले पर इतनी उदासीनता की अपेक्षा कम से कम खट्टर सरकार से तो नहीं थी। वो भी तब, जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, खुद संघ पृष्ठिभूमि के हैं।

विहिप नेताओं का मानना है कि मई में संगठन के प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट के बाद भी राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच की दिशा में न कदम उठाए और न ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई। इससे सरकार की इस गंभीर मसले पर उदासीनता झलकती है। आखिर सरकार की क्या मजबूरी है, यह समझ से परे हैं। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आईएएनएस से कहा, मेवात की घटना को राज्य सरकार ने हल्के में लिया। यही वजह है कि वहां हिंदू विरोधी तत्वों का दुस्साहस बढ़ गया। जिससे आज सौ से ज्यादा गांव हिंदू विहीन हो चुके हैं। लेकिन, विहिप किसी सरकार के भरोसे नहीं है। हम हिंदू हितों की रक्षा करने में खुद सक्षम हैं। लेकिन उम्मीद है कि राज्य सरकार भी कम से कम अपना दायित्व निभाएगी।

नई दिल्ली से करीब सौ किलोमीटर दूर हरियाणा में मेवात स्थित है। वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों को काटकर मेवात जिले का गठन किया था। 2016 में खट्टर सरकार ने जिले का नाम बदलकर नूंह कर दिया था। हरियाणा के दक्षिणी हिस्से में स्थित यह जिला पिछले कुछ समय से सुर्खियों में हैं। विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार से जुड़े संगठन इस इलाके में बड़े पैमाने पर धर्म पर्वितन और दलित उत्पीड़न होने की बात करते हैं।

विश्व हिंदू परिषद के ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र जैन के नेतृत्व में विहिप के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले महीने मई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर चौंकाने वाली रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें मेवात के कुल पांच सौ गांवों में से 103 गांवों के हिंदू विहीन होने और 84 गांवों में चार से कम हिंदू परिवार होने की बात कही थी। विहिप नेताओं के मुताबिक उस वक्त मुख्यमंत्री ने जांच कराने का आश्वसान दिया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कदम नहीं उठाए गए।

सुरेंद्र जैन ने कहा, मेवात में दलित युवतियों के अपहरण, दुष्कर्म की घटनाओं पर भी पुलिस केस दर्ज नहीं करती। जमीनों की जबरन रजिस्ट्री की जा रही है। जिससे डर के कारण हिंदू परिवारों का पलायन हो रहा है। मंदिरों पर कब्जे किए जा रहे हैं। कोई सरकार नहीं सुन रही! लेकिन अब सुनना ही नहीं ,करना भी पडेगा!

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि मेवात में दलित उत्पीड़न की घटनाओं की जस्टिस पवन कुमार जांच कर चुके हैं। वहीं संगठन की पहल पर जीडी बख्सी की टीम भी जांच कर रिपोर्ट दे चुकी है। वहीं मामले के तूल पकड़ने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग(एससी कमीशन) के चेयरमैन डॉ. रामशंकर कठेरिया भी मेवात जाकर जांच कर चुके हैं।

विहिप नेता विनोद बंसल का कहना है, मेवात में एक साजिश के तहत बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यक कर दिया गया है। मेवात में देश विरोधी गतिविधियां चल रहीं हैं। रोहिंग्याओं का अड्डा बन चुका है। पाकिस्तान की फंडिंग से मेवात व आसपास फाइव स्टार मदरसे संचालित होते हैं। 2018 में इसका खुलासा हो चुका है, जब एनआईए ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग से एक मदरसे के संचालन के मामले में सलमान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। चूंकि देश की राजधानी से यह इलाका नजदीक है, इस नाते यहां केंद्रीय जांच एजेंसियों को कड़ी नजर रखने की जरूरत है।

विहिप नेता नाराजगी जाहिर करते हैं कि दलित हितैषी होने का दावा करने वाले कई नेता मेवात में दलित उत्पीड़न पर खामोश हैं। विहिप नेता विनोद बंसल कहते हैं कि आखिर बसपा मुखिया मायावती, स्वयंभू दलित नेता चंद्रशेखर रावण, जिग्नेश मेवाणी आदि इस मसले पर क्यों कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विहिप मेवात में हालात के सामान्य होने तक चुप नहीं बैठेगी।

कमेंट करें
YnWOt
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।