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कोच्चि : दो वाटरफ्रंट हाईराइज अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स को मलबे में किया तब्दील, देखें वीडियो

कोच्चि : दो वाटरफ्रंट हाईराइज अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स को मलबे में किया तब्दील, देखें वीडियो

हाईलाइट

  • कोच्चि में समुद्र किनारे बने दो वाटरफ्रंट हाईराइज अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ये कार्रवाई की गई
  • रविवार को भी दो अपार्टमेंटों को ध्वस्त किया जाएगा

डिजिटल डेस्क, कोच्चि। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद शनिवार सुबह कोच्चि में समुद्र किनारे बने दो वाटरफ्रंट हाईराइज अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया। तटीय नियमन क्षेत्र (CRZ) मानदंडों का उल्लंघन कर ये दोनों अपार्टमेंट बनाए गए थे। इन दोनों अपार्टमेंट में कुल 150 आलीशान फ्लैट थे। अब रविवार को भी दो ऐसे ही अपार्टमेंटों को जमींदोज किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2019 में कुल 343 फ्लैटों को 138 दिनों के भीतर गिराने का निर्देश दिया था।

पूरी तरह सफल रही योजना
भारी सुरक्षा के बीच 19 मंजिला पहली इमारत - होली फेथ H2O - को 11.18 बजे धमाके से ध्वस्त किया गया। पहले इसे 11 बजे गिराया जाना था, लेकिन एरियल सर्विलांस समय पर पूरा नहीं होने के कारण इसमें 18 मिनट की देरी हुई। दूसरी इमारत - अल्फा सेरीन - को सुबह 11.43 बजे ढहाया गया। अल्फ़ा सेरीन 36 घरों से घिरी हुई थी। कोच्चि शहर के पुलिस कमिश्नर विजय सखारे ने कहा कि 'इमारतों को धवस्त करने की योजना पूरी तरह से सफल रही। इसमें कोलेटरल डैमज लगभग शून्य रहा। किसी भी संपत्ति, मानव या पशु जीवन को इससे नुकसान नहीं हुआ।

जल और वायु क्षेत्र में लगाई गई थी धारा 144
दोनों इमारतों को गिराने से पहले आसपास के इलाके को खाली कराया गया था। इतना ही नहीं जल और वायु क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई थी। जल क्षेत्र की निगरानी तटीय पुलिस की नौकाएं ने की। जमीन पर करीब 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। वहीं भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए 300 'स्ट्राइकर दल' मौजूद थे। इस दौरान किसी भी ड्रोन को वहां उड़ने की इजाजत नहीं दी गई।

रविवार को भी गिराई जाएंगी दो इमारतें
एक दशक से अधिक समय तक चली मुकदमेबाजी के बाद मराडू में चार अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्सों को सीआरजेड मानदंडों का उल्लंघन मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्त करने का आदेश दिया था। बाकी दो इमारतें गोल्डन कायालोरम और जैन कोरल रविवार को गिराई जाएंगी। माना जा रहा है कि भारत में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर अपार्टमेंटों को गिराए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।