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आंध्र प्रदेश: जगनमोहन रेड्डी ने विजयवाड़ा में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

आंध्र प्रदेश: जगनमोहन रेड्डी ने विजयवाड़ा में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

हाईलाइट

  • राज्यपाल ESL नरसिम्हन ने रेड्डी को दिलाई मुख्यमंत्री पद की शपथ 
  • विजयवाड़ा के पास IGMC स्टेडियम में आयोजित किया गया समारोह

डिजिटल डेस्क, विजयवाड़ा। YSR कांग्रेस चीफ जगनमोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। गुरुवार (30 मई) को जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ESL नरसिम्हन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। 

विजयवाड़ा के पास आईजीएमसी स्टेडियम में भव्य समारोह आयोजित किया गया था। शपथ ग्रहण के बाद जगन मोहन ने राज्यपाल को गुलदस्ता भेंट किया। शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले राष्ट्रगान हुआ।शपथ ग्रहण समारोह में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन सहित अन्य पार्टियों के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। 

बता दें कि आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद जगन मोहन रेड्डी ने दूसरे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। जगनमोहन रेड्डी ने अकेले ही शपथ ली है, उनके मंत्रिमंडल का गठन 7 जून को हो सकता है। जगन की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने राज्य विधानसभा की 175 सीटों में से 151 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है। इसके साथ ही लोकसभा की 25 में से 22 सीटों पर जीत दर्ज की।

गौरतलब है कि, जगन मोहन रेड्डी ने कांग्रेस से अलग होकर 2010 में नई पार्टी के गठन का ऐलान किया था। मार्च 2011 में जगन मोहन रेड्डी ने अपने पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी के नाम पर नई पार्टी का ऐलान किया। इसके बाद जगन मोहन ने अपनी पार्टी का नाम वाईएसआर कांग्रेस रखा। यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 2009 में जगन मोहन रेड्डी ने कडपा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और पहली बार सांसद बने।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।