दैनिक भास्कर हिंदी: एयर स्ट्राइक के बाद गृह मंत्रालय का फैसला, वायुसेना-नौसेना प्रमुखों को मिलेगी जेड प्लस सुरक्षा

March 2nd, 2019

हाईलाइट

  • भारतीय वायु सेना और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है।
  • पाकिस्तान के खिलाफ की गई एयर स्ट्राइक के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने ये फैसला किया है।
  • इंडियन आर्मी चीफ के पास पहले से ही जेड प्लस कवर है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा को जेड प्लस सुरक्षा दी की गई है। पाकिस्तान के खिलाफ की गई एयर स्ट्राइक के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने ये फैसला किया है। बता दें कि इंडियन आर्मी चीफ के पास पहले से ही जेड प्लस कवर है। जबकि, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के प्रमुखों के पास अब तक केंद्र द्वारा स्वीकृत कोई सुरक्षा कवर नहीं था। उनकी सुरक्षा में अब तक उन्हीं के फोर्स के कमांडो तैनात थे।

गृह मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक, भारतीय वायुसेना और नौसेना प्रमुखों को जेड प्लस सुरक्षा कवर देने का फैसला भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद खतरे को देखते हुए लिया गया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो और गृह मंत्रालय के अधिकारियों वाली एक वीआईपी सुरक्षा समीक्षा समिति ने उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा कवर देने का प्रस्ताव बनाया, जिसे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंजूरी दे दी। दोनों प्रमुखों के पास अब कम से कम 36 कर्मियों का सुरक्षा घेरा होगा। हालांकि दिल्ली पुलिस उनके निवास पर स्टेटिक सिक्योरिटी प्रदान कर सकती है। अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि उनकी मोबाइल सिक्योरिटी को कौन संभालेगा जिसमें पायलट और एस्कॉर्ट भी शामिल है।

जिन लोगों को जेड-प्लस सुरक्षा दी जाती है, उन्हें या तो राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), सीआरपीएफ या सीआईएसएफ के कमांडो गार्ड करते हैं। जेड-प्लस सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एनएसजी कमांडो आधुनिक हथियारों से लैस होते हैं, जिनमें एमपी 5 सबमशीन गन और एके-47 असॉल्ट राइफल शामिल हैं।

बता दें कि पुलवामा आतंकी अटैक में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद भारत ने इसका जवाब देने के लिए पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक में 250-300 आतंकवादी मारे गए थे। इस कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया था और उसने भारतीय वायु सीमा में दाखिल होकर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि भारतीय वायुसेना ने इसे पूरी तरह से नाकाम कर दिया था। इस संघर्ष के दौरान वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के चंगुल में फंस गए थे। हालांकि बाद ने भारत के दबाव के आगे पाकिस्तान को झुकना पड़ा और अभिनंदन को छोड़ना पड़ा।  

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