Ram Mandir Donation Row: सोने की रामचरित मानस से लेकर काकभुशुंडि तक, राम मंदिर ट्रस्ट ने आरोपों पर दी सफाई, दिखाई चोरी के दावे से जुड़ी बेश्किमती कीमती वस्तुएं, देखें वीडियो

सोने की रामचरित मानस से लेकर काकभुशुंडि तक, राम मंदिर ट्रस्ट ने आरोपों पर दी सफाई, दिखाई चोरी के दावे से जुड़ी बेश्किमती कीमती वस्तुएं, देखें वीडियो
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कीमती वस्तुएं के गायब होने पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक हुई थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कीमती वस्तुएं के गायब होने पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक हुई थी। इस दौरान मामले में लंबे समय से विवादों में घिरे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया था। इस बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने पूरे विवाद पर अपना रुख साफ किया है।


स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि दान में मिली सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी सामान के गायब होने की बात सही नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट ने उन सभी वस्तओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया। इसमें सोने की रामचरितमानस, भगवान राम के चरण चिन्ह, हार र काकभुशुंडि को कॉन्फ्रेंस में रखा गया था।

दरअसल, पूर्व आईएएस अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायण ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि उनके परिवार ने अप्रैल 2024 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट को सोने की परत चढ़ी 'रामचरितमानस' की एक प्रति दान में दी थी। जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। उन्होंने दावा किया था कि यह रामचरितमानस कुछ समय तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित की गई थी।

हालांकि, कुछ समय बाद उसे वहां से हटा दिया गया। इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। पूर्व नौकरशाह का कहना था कि उन्हें इसके बारे में मंदिर प्रशासन और महामंत्री चंपत राय से जानकारी मांगी थी। लेकिन, उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। वहीं, इन आरोपों पर गोविंद देव गिरी ने भी कहा कि दान की गई वस्तुएं ट्रस्ट की निगरानी में सुरक्षित हैं।


स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि किसी भी दान की गई वस्तु के चोरी होने या गायब होने का दावा तथ्यात्मक नहीं है। ट्रस्ट ने यह भी जानकारी दी कि पूरे मामले को लेकर एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति संबंधित तथ्यों की समीक्षा करेगी और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर अपनी रिपोर्ट देगी। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है।

उस समय तक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने आ जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही कुछ नए पदाधिकारियों और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति का निर्णय भी लिया जाएगा।

इसके साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री न्यूक्त किया गया है। इस बैठक में ट्रस्ट के चेयरमैन नृत्य गोपाल दास समेत नौ में से सात परमानेंट मेंबर मौजूद थे। इसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा को शामिल नहीं किया गया। बैठक शाम करीब 6।30 बजे खत्म हुई।

Created On :   6 July 2026 8:50 PM IST

Tags

Next Story