वफ्फ बोर्ड में हिंदुओं की एंट्री पर सियासत तेज: विधायक मसूद बोले, सुप्रीम कोर्ट जाऊँगा, मंत्री विश्वास सारंग का तंज, बोर्ड केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं, सड़कों पर उतरे मुस्लिम नेता

विधायक मसूद बोले, सुप्रीम कोर्ट जाऊँगा, मंत्री विश्वास सारंग का तंज, बोर्ड केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं, सड़कों पर उतरे मुस्लिम नेता
वफ्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के विरोध में सोमवार को भोपाल के बुधवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में वफ्फ बोर्ड में हिंदुओं की एंट्री पर सियासत तेज हो गई है। एमपी में वक्फ कानून 2026 लागू होने पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री सारंग ने कहा वक्फ कानून 2026 लागू करने वाले मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, यह प्रसन्नता की बात है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को बहुत बाधाई देते हुए कहा इसके बहुत दूरगामी और अच्छे परिणाम निकलने वाले हैं। वक्फ बोर्ड अलग है, यह मस्जिद कमेटी में किसी गैर मुस्लिम को शामिल करने वाली बात नहीं है। इसे धर्म के चश्मे से देखना आश्चर्य की बात है। वक्फ बोर्ड केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं है इसका दायरा बहुत बड़ा है। यह कानून लोकसभा और राज्यसभा में बहुत विचार विमर्श के बाद बना है। राहुल गांधी उचक-उचक कर कहते हैं हम संविधान की रक्षा करेंगे, अब जब कानून आया तो विरोध कर रहे हैं। वक्फ कानून अब संविधान का हिस्सा है। इस कानून का संविधान के तहत परिवर्तन हुआ है।

वक्फ बोर्ड के सदस्यों की नियुक्तियों के खिलाफ भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय आना बाकी है। इसी बीच एमपी में वक्फबोर्ड बना दिया गया जिसमें गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया गया है। मै इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा।

आपको बता दें देश में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के विरोध में सोमवार को भोपाल के बुधवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि वक्फ मुस्लिम समाज की धार्मिक और सामाजिक संस्था है, जहां लोग अपनी संपत्ति अल्लाह की रजा के लिए वक्फ करते हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के प्रबंधन में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति उचित नहीं है। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का गठन दो दिन पहले हुआ है, जिसमें पहली बार दो गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों को शामिल किया गया है। कमेटी इसी नियुक्ति का विरोध कर रही है।

Created On :   6 July 2026 5:13 PM IST

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