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शिवराज के 12 साल : 12 योजनाओं ने जीता जनता का दिल

BhaskarHindi.com | Last Modified - November 29th, 2017 15:47 IST

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के 12 साल पूरे हो गए हैं। 29 नवम्बर 2005 को वे राज्य के सीएम बने थे। 2003 में कांग्रेस का सफाया कर सत्ता में आई बीजेपी सरकार के 2 साल में 2 मुख्यमंत्री बदलने के बाद सीएम शिवराज को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी गई थी। बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबू लाल गौर की जगह उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था। तब से लेकर अब तक सीएम शिवराज ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं ने प्रदेश की जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बरकरार रखी है। जानिए शिवराज सरकार के 12 सालों की वे 12 योजनाएं जिसने प्रदेश की जनता का दिल जीत लिया।

लाड़ली लक्ष्मी योजना
लाड़ली लक्ष्मी योजना शिवराज सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। शिवराज सरकार इस योजना को अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानती है। साल 2006 में इस योजना को शुरू किया गया। इस योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार हर लड़की के जन्म के बाद, उसके नाम पर हर साल, 6 हजार रुपए मूल्य के राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदी करती हैं। इस योजना के तहत लड़की को छठी कक्षा में प्रवेश पर 2000 रुपए दिये जाते हैं, 9वीं कक्षा में प्रवेश पर 4000 रुपये दिये जाते है और ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश पर 7500 रुपये दिये जाते है। ग्यारहवीं और बारहवीं में पढ़ाई के दौरान उसे प्रति माह 200 रुपए दिये जाते है। जब लड़की की आयु 21 वर्ष हो जाती है और वह उम्र के 18 साल से पहले शादी नही करती, तब उसे एक ही समय में एक लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जाता है।

मुख्यमंत्री कन्यादान एवं निकाह योजना
शिवराज सिंह चौहान की इस योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों की शादी करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसमें घर की चीजें और सामूहिक विवाह खर्च के लिए 15,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना
इस अनूठी योजना के तहत किसी भी धर्म के वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य सरकार के खर्च पर उनके पसंद के धार्मिक स्थानों का दौरा करने के सुविधा प्रदान की गई है।

बेटी बचाओ अभियान
‘बेटी बचाओ अभियान' मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण अभियान है। लड़कियों के लिंग अनुपात में जारी गिरावट को रोकना और उससे जुड़े सामाजिक असर और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव को दूर करना, इस अभियान के उद्देश्य हैं। इस अभियान के तहत समाज में एक स्वस्थ लिंग संतुलन के लिए कन्या भ्रूण को बचाने के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए कई गतिविधियां चलाई गई।

लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010
‘मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010' नागरिकों को निर्धारित समय के भीतर बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं के प्रदान की गारंटी देता है और ऐसा करने में विफलता के लिए जवाबदेही तंत्र की योजना करता है। इस अधिनियम के तहत, जाति, जन्म, विवाह और अधिवास प्रमाण पत्र जारी करना, पीने के पानी के कनेक्शन, राशन कार्ड, भू-अभिलेखों की प्रतियां जैसी 52 महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। 

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
यह योजना 1 अप्रैल 2013 प्रारंभ की गई है। योजना का उद्देश्य समाज के सभी वर्गो के लिये स्वयं का उद्योग/सेवा/व्यवसाय स्थापित करने हेतु बैंको के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना है। योजनांतर्गत हितग्राहियों को मार्जिन मनी सहायता ब्याज अनुदान की सुविधा दी जाती है।

अटल ज्योति अभियान
ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में 24 घण्टे तथा खेती के लिये कम से कम 10 घंटे बिजली देने के लिये अटल ज्योति अभियान लागू किया गया। अभियान प्रदेश के सभी जिलों में लागू कर दिया गया है। भरपूर बिजली मिलने से गाँव में लघु और कुटीर उद्योगों का जाल बिछने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल मिलने की शुरूआत हो गई है।

मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना
इस योजना के तहत राज्य के 18 से 60 वर्ष आयु के खेतिहर मजदूरों के परिवार की स्त्री को प्रसूति व्यय और छः सप्ताह की मजदूरी का भुगतान , पति को पितृत्व अवकाश के साथ दो सप्ताह की मजदूरी का भुगतान , बच्चों को पहली कक्षा से स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिये छात्रवृत्ति , पांचवीं कक्षा तथा उसके आगे तक प्रथम श्रेणी में पास करने वाले विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार। विवाह सहायता योजना के तहत कन्याओं को मदद तथा आम आदमी बीमा योजना के अंतर्गत लाभ दिये जाते हैं।

अन्नपूर्णा योजना
मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना मध्यप्रदेश में अप्रैल, 2008 से लागू है। जून, 2013 से योजना में बीपीएल के साथ अंत्योदय परिवार (अति गरीब परिवार) को भी शामिल किया गया। अब योजना में गेहूँ एक रुपये और चावल दो रुपये किलो दिया जाने लगा। योजना में एपीएल परिवार को आयोडीनयुक्त नमक एक रुपये किलो प्रदाय किया गया। जनवरी, 2014 से योजना में एक रुपये किलो चावल, एक रुपये किलो गेहूँ देना प्रारंभ किया गया। मार्च, 2014 से पूरे प्रदेश में एक रुपये किलो की दर पर आयोडीनयुक्त नमक का प्रदाय प्रारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री छात्र गृह योजना
यह योजना मैट्रिकोत्तर स्तर के उन छात्रों के लिए है जिन्हें स्थानाभाव के कारण छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाता है, जबकि दूर से आने वाले विद्यार्थियों को आवास की  तुरन्तु आवश्यकता होती है, ऐसे छात्रों के लिए छात्रावास सुविधा के अनुरूप छात्र गृह योजना संचालित की जारही है । 

भावांतर योजना
प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करने के लिये राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई यह महत्वपूर्ण योजना है। इसके अंतर्गत खरीफ-2017 के समर्थन मूल्य तथा किसान के द्वारा कृषि उपज मंडी समिति के प्रांगण में उपज विक्रय किये जाने पर पाए जाने वाले घोषित मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि को इस योजना प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाएगा। खरीफ 2017 की पायलट योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के बाद इस योजना को अगले फसल चक्र में क्रियान्वयन पर निर्णय लिया जायेगा।

बलराम ताल योजना
सुनिश्चित खेती के उद्देश्य से वर्षा के अपवाहित जल की अधिकतम मात्रा खेतों में रोककर उससे सिंचाई करने के लिये बलराम ताल योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है ।
कृषकों द्वारा स्वयं के खेतों में स्वयं के द्वारा बलराम ताल निर्माण पर सामान्य कृषकों को निर्माण लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम रु. 80000/-, लघु सीमांत कृषकों को निर्माण लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रु. 80000/- तथा अ.जा/अ.ज.जा के कृषकों को निर्माण लागत का 75 प्रतिशत अधिकतम रु. 100000/- का अनुदान वर्तमान में प्रचलित है।

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