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बिप्लब देब का एक और अजीब बयान- बतखों के तैरने से पानी में बढ़ती है ऑक्सीजन

August 29th, 2018 19:37 IST

हाईलाइट

  • बिप्लब कुमार देब बोले- बतखों के पानी में तैरने से ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है।
  • बिप्लब देब पहले भी कई बार अजीबोगरीब बयान दे चुके हैं।

डिजिटल डेस्क, अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब एक बार फिर अपने बयान से सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने बत्तखों के तैरने से पानी में ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाने का दावा किया है। सीएम बिप्लब देब ने कहा है, 'जब बतखें पानी में तैरती हैं तो पानी में ऑटोमेटिकली ऑक्सीजन लेवल बढ़ने लगता है। पानी में ऑक्सीजन के रिसाइकिल होने से मछलियों को भी अधिक ऑक्सीजन मिलती है और उनका तेजी से विकास होता है। इससे ऑर्गनिक तरीके से मत्स्यपालन को बढ़ावा मिलता है।'

सीएम बिप्लब ने यह बयान रुद्रसागर में एक कृत्रिम झील में बोट रेस का उद्घाटन करने के दौरान दिया। वे यही नहीं रूके उन्होंने यह भी कहा कि वह राज्य के ग्रामीण इलाकों में बतखें वितरित करना चाहते हैं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आ सके। उन्होंने कहा, 'पूरे त्रिपुरा के ग्रामीणों में बतखों के बच्चे वितरित किए जाएंगे। झीलों-तालाबों के पास स्थ‍ित टूरिस्ट केंद्रों में खासतौर से यह वितरण किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आए।'

'सिविल सर्विसेज में मैकेनिकल इंजीनियर्स को नहीं बल्कि सिविल इंजीनियर्स को जाना चाहिए'
त्रिपुरा सीएम इससे पहले भी अपने बयानों के चलते सुर्खियां बटोरते रहे हैं। अगरतला में सिविल सर्विस डे के मौके पर सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि सिविल सर्विसेज में मैकेनिकल इंजीनियर्स को नहीं बल्कि सिविल इंजीनियर्स को जाना चाहिए क्योंकि सिविल इंजीनियर्स के पास समाज और व्यव्स्था के बेहतर निर्माण का अनुभव और ज्ञान होता है।

बिप्लब ने कहा था, 'पहले आर्टस पढ़ने वाले छात्र अमूमन सिविल सेवा परीक्षा में बैठते थे अब डॉक्टर्स और इंजीनियर्स भी इसके लिए आवेदन करते हैं। मैकेनिकल में इंजीनियरिंग करने के बाद किसी को सिविल सर्विसेज में नहीं जाना चाहिए। सिविल इंजीनियर्स को जरूर सिविल सर्विसेज में जाना चाहिए क्योंकि उनके पास एडमिनिस्ट्रेशन और सोसायटी को बनाने में मदद करने का ज्ञान और अनुभव होता है।'

'डायना हेडन की खूबसूरती मेरी समझ में नहीं आती'
इससे पहले डायना हेडन पर बयान देकर बिप्लब देब विवादों में आए थे। उन्होंने कहा था कि हमने लक्ष्मी और सरस्वती देवियों जैसी महिलाएं देखी हैं, ऐश्वर्या राय भारतीय महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, वे मिस वर्ल्ड बनी थीं लेकिन डायना हेडन की खूबसूरती मेरी समझ में नहीं आती। बिप्लब ने ये बातें ब्यूटी कॉन्टेस्ट कराने वाले आयोजकों लेकर कही थी। उन्होंने इन आयोजकों को अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग माफिया करार दिया था।

'महाभारत युग में भी इंटरनेट और सैटेलाइट थे'
डायना हेडन विवाद से पहले बिप्लब देब ने सूचना-प्रौद्योगिकी सुविधाओं को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया था। देब ने कहा था कि महाभारत युग में भी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध थीं, जिनमें इंटरनेट और सैटेलाइट भी शामिल थे। बिप्लब ने कहा था, 'महाभारत के दौरान संजय ने हस्तिनापुर में बैठकर धृतराष्ट्र को बताया था कि कुरुक्षेत्र के मैदान में युद्ध में क्या हो रहा है। संजय इतनी दूर रहकर आंख से कैसे देख सकते हैं, लिहाजा इसका मतलब है कि उस समय भी तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट थे।'
 

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